अभिषेक शर्मा, अलीगढ़।
हरदुआगंज खादी आश्रम के जमीन संबंधी विवाद में खादी ग्रामोद्योग आयोग ने क्षेत्रीय खादी आश्रम समिति बन्नादेवी को भंग करने/हटाने की संस्तुति की है। आयोग के मंडलीय निदेशक की ओर से चिट फंड सोसायटी उप निबंधक आगरा को पत्र भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि अग्रिम कार्यवाही के लिए यथाशीघ्र नई कमेटी की व्यवस्था कर सूचित किया जाए।
बता दें कि हरदुआगंज स्थित भूमि के पट्टे के बाद संस्था की शिकायतों को आयोग ने गंभीरता से लिया है। एसडीएम कोल ने भी अपनी जांच पूरी कर ली है, शीघ्र ही वे अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपेंगे। क्षेत्रीय खादी आश्रम बन्नादेवी की हरदुआगंज की खाली जमीन को पिछले दिनों 29 वर्ष के पट्टे पर दे दिया गया है। इसको लेकर पूर्व चेयरमैन राजेश यादव ने शिकायत की थी।
आयोग को भेजे पत्र में पूर्व चेयरमैन राजेश यादव ने कहा था कि 12 करोड़ रुपये की संपत्ति को महज दो करोड़ रुपये की पगड़ी व एक हजार रुपये किराये में बंधक बनाया गया है। चूंकि, यह भूमि आश्रम की नहीं, बल्कि सरकारी अभिलेखों के अनुसार सरकारी है। इसलिए यह अनुबंध गलत है। आश्रम के जिस व्यक्ति ने इस पर आपत्ति की, उसी को बर्खास्त कर दिया।
कमेटी में मंत्री संतोष मिश्रा के कई रिश्तेदार हैं। इसलिए कोरम पूरा कर यह निर्णय लिया गया। इसी आधार पर राजेश यादव ने मंत्री संतोष मिश्रा को हटाने की मांग की। इस शिकायत को खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग मेरठ मंडलीय निदेशक राजेश कुमार ने गंभीरता से लिया है।
उनकी ओर से उप निदेशक चिट फंड सोसाइटी को भेजे गए पत्र में कहा है कि यह निर्णय बिना अनुमति पद का दुरुपयोग करते हुए लिया गया है। इसलिए तत्काल इस समिति को हटाते हुए यथाशीघ्र नई कमेटी बनाकर अवगत कराया जाए। इस पत्र की प्रति केंद्र व प्रदेश में मंत्रालयों को भी भेजी गई है।
पूरी जमीन का किराया एक दुकान से भी कम है
3692.40 वर्ग गज के परिसर का पट्टा एक हजार रुपये प्रति माह में किया गया है, जबकि इसी परिसर में 11 दुकानें भी बनी हैं और एक दुकान का किराया 1200 रुपये प्रति माह है। एक दुकान से भी कम किराये में चेयरमैन के बेटे लोरिक राज को 11 दुकानें और उसके पीछे की पूरी 3692.40 वर्गगज भूमि पट्टे पर दी गई है।
- मेरे द्वारा बैंक कर्ज में नीलाम होने जा रही इस भूमि को बचाने के लिए कई बार मेरठ कार्यालय को मदद के लिए अवगत कराया गया। तब किसी ने कोई कदम नहीं उठाया। अब जमीन बचाने के लिए मैंने अगर उसे किराये पर समिति की सहमति से दिया तो मेरठ कार्यालय ने यह संस्तुति कर दी है। इस मामले में हम जरूरत पर न्यायालय भी जाएंगे। हमने कोई गलत कदम नहीं उठाया है। हर जगह अपनी बात दस्तावेजों के साथ रखी जाएगी।-संतोष मिश्रा, मंत्री क्षेत्रीय गांधी आश्रम बन्नादेवी