शुक्रवार को आई तेज आंधी और ओले पड़ने से कई गांवों के किसानों की फसल नष्ट हो गई है। सबसे अधिक नुकसान पिसावा क्षेत्र में हुआ है, जहां पर कई गांव ओलावृष्टि की चपेट में आए हैं।
इसके साथ चंडौस, टप्पल, खैर, जट्टारी, गभाना समेत कई इलाकों में फसल का नुकसान हुआ है। शनिवार को किसानों की फसल बर्बाद होने को लेकर बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह ने प्रभारी डीएम और एडीएम सिटी से मुलाकात कर ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों के सर्वे की मांग की है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात को ओलावृष्टि और आंधी आने के कारण पिसावा क्षेत्र के गांव मढ़ा, भड़ियका, जलालपुर, पलसेड़ा बसेरा शादीपुर आदि के किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। टप्पल के गांव उटासनी, जट्टारी के गांव सालपुर में फसलों का भारी नुकसान हुआ है। इसके साथ गभाना, खैर और आसपास के कई गांवों में किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है।
सुजावलगढ़ के रिटायर्ड बीडीओ चौधरी किरण पाल ने बताया कि किसान का पूर्ण रूप से नुकसान हो गया है। प्राकृतिक आपदा के कारण किसान को हर साल कोई न कोई परेशानी झेलना पड़ रही है। अब किसान भुखमरी की कगार पर है।
पिसावा की प्रधान शिखा गुप्ता ने बताया कि किसान की पिछले साल भी फसल बर्बाद हो गई और इस साल फसल बर्बाद हुई। किसानों का मुआवजा दिलाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी।
गौरतलब है कि इस मौसम में ओलावृष्टि और बारिश होने के कारण किसानों की गेहूं की पैदावार में कमी आई और सरसों के दागी हो जाने के कारण भाव कर मिलेंगे। इसके साथ आलू की फसल का भी काफी नुकसान हुआ है।