अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पश्चिमी एशियन अध्ययन केंद्र में अरबी के लिए अतिथि शिक्षक का साक्षात्कार बिना विषय विशेषज्ञ के हो गया। साक्षात्कार पैनल में अरबी के बजाय दूसरे विषय के विशेषज्ञ थे। इस मामले में अरबी विभाग के विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एस कफील अहमद कासमी ने कुलपति प्रो. तारिक मंसूर से शिकायत करते हुए चयन प्रक्रिया पर सवाल उठा दिए हैं।
प्रो. कासमी ने बताया कि उन्होेंने 43 वर्षों तक एएमयू में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पश्चिमी एशियन अध्ययन केंद्र में अरबी के असिस्टेंट प्रोफेसर (अतिथि शिक्षक) के पद के लिए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया, जिसमें विषय विशेषज्ञ नहीं था। यह उनके समझ से परे है। फ्रेंच, जर्मन, अंग्रेजी, संस्कृत, इंजीनियरिंग आदि में शिक्षकों की भर्ती के लिए भी यही मानक अपनाया जाएगा।
उन्होेंने कहा कि चयन समिति पैनल से विषय विशेषज्ञ को बाहर करने से चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर संदेह पैदा होगा, जो एएमयू के लिए मुनासिब नहीं होगा। इस संबंध में पश्चिमी एशियन अध्ययन केंद्र के डीन प्रो. जावेद इकबाल ने कहा कि अरबी भाषा के लिए नहीं, बल्कि अरब का इतिहास, संस्कृति पढ़ानी होती है। इसलिए विषय विशेषज्ञ नहीं था।