छुट्टा गोवंश को गोशालाओं में पहुंचाने का मुख्यमंत्री का सख्त निर्देश था। 31 मार्च के बाद बेहद नाराजगी के साथ मुख्यमंत्री ने सात दिन की मोहलत और दी थी, लेकिन सांड़ अभी भी सड़कों पर हैं। सोमवार की सुबह टप्पल क्षेत्र के गांव नूरपुर में अपनी नातिन के साथ राशन लेने जा रही बुजुर्ग महिला पर सांड़ ने सींगों से हमला कर घायल कर दिया। बचाने में नातिन के भी चोटें आई हैं। दोनों का टप्पल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है।
नूरपुर निवासी शकुंतला (70) सोमवार की सुबह अपनी नातिन के साथ गांव में ही राशन की दुकान से राशन लाने जा रही थीं। रास्ते में एक सांड़ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। सींगों से उठाकर उन्हें जमीन पर पटका। इस दौरान साथ मौजूद नातिन ने बचाने की कोशिश की तो उसे भी सींग मारकर घायल कर दिया। इससे दोनों घायल हो गईं। उनका शोर सुनकर ग्रामीण दौड़े और लाठियां पटककर सांड़ को खदेड़ा। इसके बाद दोनों को टप्पल सीएचसी में भर्ती कराया गया। शकुंतला के अधिक चोटें हैं, जबकि उनके नातिन को अंदरूनी चोटें बताई जा रही हैं। दोनों की हालत में सुधार बताया गया है।
पहले भी सांड़ ले चुका एक जान
सांड़ों के हमलों से नूरपुर गांव के लोग खौफ में हैं। ग्रामीणों के अनुसार पूर्व में भी गांव के निवासी बुजुर्ग पन्नालाल को सांड़ ने हमला कर घायल कर दिया था, जिनकी मौत हो गई थी। सांड़ के हमले में ही बुजुर्ग भगवान देवी दिव्यांग हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने छुट्टा गोवंश को पकड़कर गोशालाओं में भेजे जाने की मांग की है।