बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में शैक्षिक सत्र अप्रैल में शुरू हुआ था, लेकिन आधा सत्र गुजरने के बाद भी बच्चों के हाथों में कोर्स की आधी किताबें भी नहीं पहुंच पाई हैं। शैक्षिक सत्र शुरू होने से पहले किए गए दावे हवा-हवाई ही साबित हो रहे हैं।
जिले के सरकारी विद्यालयों में किसी भी बच्चे के पास कोर्स की पूरी किताबें नहीं हैं। चार अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रावस्ती जिले में स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ किया था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बच्चों की पढ़ाई में ढिलाई न बरतने की हिदायत भी दी थी, लेकिन जिले में उनकी हिदायत को नजर अंदाज किया जा रहा है।
आधा शैक्षिक सत्र बीत रहा है, लेकिन शत प्रतिशत किताबें नहीं मिल रही हैं। विकास खंड धनीपुर, लोधा, अकराबाद, जवां, चंडौस, खैर, टप्पल, इगलास, गोंडा, अतरौली, गंगीरी, बिजौली, अलीगढ़ के विद्यालयों में कक्षा एक, दो, तीन, चार व पांच के कोर्स की किताबें नहीं हैं। पुरानी किताबों से बच्चे पढ़ने के लिए मजबूर हैं।
ये हैं आंकडे़
1386 प्राथमिक विद्यालय
354 उच्च प्राथमिक विद्यालय
375 कंपोजिट विद्यालय
3.25 करीब लाख विद्यार्थी
6496 शिक्षक
2470 शिक्षामित्र
229 अनुदेशक
- जिले में किताबों के आने का सिलसिला जारी है। जैसे-जैसे किताबें छप रही हैं, वैसे-वैसे प्रकाशन केंद्रों से आ रही हैं। - सतेंद्र कुमार, बीएसए।