अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक कुमार पांडेय ने आरोप लगाया है कि नगर निगम के अफसरों की मिलीभगत से शहर की सरकारी संपत्तियों पर कब्जे हो रहे हैं। एक तरफ लोगों को बुलडोजर दिखाकर डराया जा रहा है, दूसरी ओर स्लाटर हाउस, पानी की टंकी व पोखर में दर्ज संपत्ति गैर समुदाय के व्यक्ति के नाम दर्शाकर उस पर प्लाट काटे जा रहे हैं।
अशोक पांडेय ने यह आरोप शुक्रवार को प्रेसवार्ता में लगाए। उन्होंने कहा कि कई अरब रुपये कीमत की संपत्ति एक गैर समुदाय के व्यक्ति के नाम कैसे हो गई? और कैसे उस पर प्लाट काटे जा रहे हैं? जब यह विषय संज्ञान में आया तो मामले में जिलाधिकारी से दस्तावेजी साक्ष्य सहित शिकायत की गई। इस शिकायत पर जिलाधिकारी ने जवाब मांगा तो गुमराह करते हुए जवाब दिया गया है कि एक वाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है, जबकि हकीकत ये है कि इस विषय में कोई वाद विचाराधीन नहीं है। इससे साफ है कि अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है।
कहा कि हिंदू महासभा ने इस मामले में गंभीरता से जांच कराने और नगर निगम की भूमि की पैमाइश कराकर उसे समाज कल्याण के कार्य में लगाने की मांग की है। इधर, स्वर्ण जयंती नगर कब्रिस्तान मुद्दे पर भी नगर निगम को घेरा गया है। महासभा ने कहा है कि एक वर्ष बीतने के बाद भी कोई दस्तावेजी साक्ष्य पेश नहीं किए गए। मामला लंबित पड़ा हुआ है। इस पर भी महासभा ने कब्जा हटाने की मांग उठाई है। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष गजेंद्र पाल सिंह आर्य अधिवक्ता, जिला अध्यक्ष जयवीर शर्मा, अनिल वर्मा, राज लोधी, जय लोधी आदि थे।