भैया दूज पर मायके नहीं ले जाने पर कोतवाली क्षेत्रांर्गत गोरई में 15 नवंबर की सुबह विवाहिता ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरे की कुंडी तोड़कर शव को उतारने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दिनेश कौशिक पुत्र मुरारीलाल का 28 नवंबर को बरेली के मुहल्ला जगासी थाना किला निवासी हेमा पुत्री दिनेश देबल के साथ अंतरजातीय विवाह हुआ था। 15 नवंबर को भैया दूज पर मायके जाने के लिए कहने पर दिनेश ने गांव में एक दावत होने के कारण किसी और दिन के लिए रख दिया। पत्नी हेमा जाने की जिद करने लगी तो पति कल चलने की बात कहकर पड़ोस में हो रही दावत में चला गया। हेमा ने पीछे से कमरे की अंदर से कुंडी लगाकर पंखे में दुपट्टा बांधकर झूल गई।
थोड़ी देर बाद पति घर आया और गेट खटखटाया लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। जब खिड़की से झांक कर देखा तो हेमा का शव पंखे पर लटक रहा था। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। चौकी प्रभारी गौरव चौधरी, कोतवाल प्रवीन कुमार सिंह ने दरवाजा तोड़कर शव को उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी डॉ. के.जी सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतका के पिता का आरोप है कि शादी के बाद से हेमा को केवल दो बार ही मायके जाने दिया गया था। पति व उसके परिजन दहेज में दस लाख रुपये की मांग कर रहे थे। ससुराल वालों ने हेमा को मार दिया है।