जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला श्रम बंधु एवं पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने के लिए संचालित विशेष अभियान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को गोल्डन कार्ड का लाभ दिलाया जाए।
उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं, निर्माण से संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों में निर्गत वर्क आर्डर के सापेक्ष प्रत्येक निर्माण साइट का 30 जुलाई तक विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण करा लें। डीएम ने श्रम विभाग को निर्देशित किया कि नवीनीकरण के लिए अवशेष 67,921 निर्माण श्रमिकों का नवीनीकरण करा लें। तभी पंजीकृत श्रमिकों को बोर्ड से संचालित योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित क्षेत्र के कामगारों, जिनकी मासिक आय 15 हजार से कम हो और उन्हें ईएसआई, ईपीएफ का लाभ न मिल रहा हो, ऐसी दुकानों, वाणिज्यक अधिष्ठानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, छोटे-छोटे उद्योगों, व्यापार मंडल से जुड़े पदाधिकारियों की मदद से नियोजित कामगारों का ई-श्रम कार्ड बनवाएं। उन्होंने बताया कि ई-श्रम कार्ड निशुल्क है। वर्तमान में मुख्यमुत्री दुर्घटना बीमा योजना में दुर्घटना में मृत्यु की दशा में अधिकतम दो लाख एवं प्रति परिवार पांच लाख तक का निशुल्क की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि गोल्डन कार्ड बनाए जाने को 14 अगस्त तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में सहायक श्रम आयुक्त बीएम शर्मा, सीएमओ डॉ. नीरज त्यागी, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग योगेश कुमार, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, एडीए के सहायक अभियंता एआर सिंह आदि के अलावा व्यापार मंडल के चेयरमैन ओपी राठी, ई-डिस्ट्रिक मैनेजर मनोज राजपूत, शंकर लाल प्रदेश संगठन मंत्री भारतीय मजदूर संघ, प्रदीप शर्मा, श्रम प्रवर्तन अधिकारी विजय कुमार सोनकर, हिमांशु अग्रवाल, जितेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।