टप्पल कस्बा स्थित जमुना खंड इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों के हाथों से कलावा हटवाने और माथे से तिलक मिटवाने के आरोप पर बुधवार को एबीवीपी और हिंदू राष्ट्र सेना के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज पहुंचकर विरोध जताया। उधर प्रधानाचार्य ने सफाई दी कि उन्होंने विद्यार्थियों के हाथों से कड़े और ब्रेसलेट हटवाए। शिक्षकों ने भी यही हटवाया। हाथों से कलावा और माथे से तिलक नहीं हटवाया गया।
कॉलेज में पढ़ने वाले एक भाई-बहन की मां की ओर से मंगलवार को टप्पल थाने में शिकायती पत्र देकर प्रधानाचार्य और कॉलेज के पीटीआई पर कलावा हटवाने और तिलक मिटवाने का आरोप लगाया गया था। आरोप यह भी था कि कलावा पहनने और तिलक लगाने वाले बच्चों को पीटा जाता है।
बुधवार की सुबह एबीवीपी और हिंदू राष्ट्र सेना के कार्यकर्ताओं ने इस पर कॉलेज में विरोध जताना शुरू किया तो सूचना पर थाना प्रभारी पंकज मिश्रा भी कॉलेज पहुंच गए। उन्होंने शिकायत करने वाली महिला को भी बुला लिया। सभी को साथ बिठाकर बात कराई।
प्रधानाचार्य ने बताया कि कलावा और तिलक नहीं हटवाया गया। अनुशासन बनाए रखने के लिए छात्र-छात्राओं से हाथों से कड़े और ब्रेसलेट निकालने के लिए कहा गया था, ताकि कोई बच्चा एक-दूसरे को कड़ा मारकर क्षति न पहुंचा दे। हो सकता है कि बच्चों को कोई गलतफहमी हुई हो।
सभी पक्षों को बिठाकर वार्ता कराई गई। वार्ता से शिकायत करने वाली महिला संतुष्ट है। हालांकि मामले में पुलिस व एलआईयू की टीम जांच कर रही है। जो भी तथ्य सामने निकलकर आएंगे उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। -पंकज मिश्रा, थाना प्रभारी।