दुबे का पड़ाव पर एक दुकान में साड़ी पसंद करती महिला।
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नवरात्र के साथ देव जागने और त्योहारी - शादी सीजन की शुरुआत होने पर कपड़ों की बात न हो तो अधूरा माना जाता है। हर घर में नए कपड़ों तथा पार्टी वीयर कपड़ों की खरीदारी की तैयारी है। अब रेडीमेट गारमेंट पर हर वर्ग का फोकस है तो इसके लिए बाजार भी तैयार है। बाजार के उत्साह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल ही में शहर में 4 बड़े ब्रांडों के शोरूम खुले हैं। इससे खुद बाजार से जुड़े पुराने लोग उत्साहित हैं और कहते हैं कि जितने ज्यादा बड़े ब्रांड शहर में आएंगे। अलीगढ़ से दिल्ली - आगरा खरीदारी करने लोग कम जाएंगे। इस दौरान त्योहार के साथ-साथ शादी और सर्दी तीनों ऐसे मौके होते हैं, जिसके लिए जरूरत अनुसार हर वर्ग खरीदारी करता है।
जानकारों की मानें तो अपने शहर में गारमेंट में ब्रांड की शुरुआत 2005-06 के आसपास हुई। तब चुनिंदा ब्रांड ही मिलना शुरू हुए। धीरे - धीरे ब्रांड का चलन बढ़ा है और आज प्रीमियम स्तर तक का ब्रांड अपने शहर में मिलता है। इससे लगातार बाजार में उछाल देखने को मिल रहा है। कोविड के दो वर्ष को छोड़ दें तो इस बार लोग अभी से स्कीम व वैराइटी को लेकर जानकारी करने लगे हैं। ऑनलाइन देखने के बाद शोरूम पर भी ग्राहक पहुंचकर जानकारी जुटा रहा है।
- नवरात्र से खरीदारी के शुभ दिन की शुरुआत होने जा रही है। बाजार में उत्साह है और हमारी भी तैयारी है। ब्रांड चलन बढ़ने से लोग दिल्ली आगरा की दौड़ कम होने के संकेत हैं, जिससे अलीगढ़ के बाजार को ही लाभ मिलेगा।-अरुण अग्रवाल, स्वदेशी स्टोर
-त्योहार पर हलचल अच्छी है। नए स्टाक भी आने लग हैं। प्रीमियम ब्रांड पर भी लोगों का फोकस है। तीन श्रेणी के ग्राहक बाजार में हैं। उसी के अनुसार सभी अलग अलग तैयारी की जा रही हैं।-राजीव अग्रवाल, रेमंड स्टोर
60 फीसदी नॉन ब्रांड और 40 फीसदी ब्रांड का बाजार शहर में
जानकार यह भी मानते हैं कि अभी अलीगढ़ में ब्रांड का बाजार 40 फीसदी है, जबकि नॉन ब्रांड का बाजार 60 फीसदी है। उसके अनुसार दोनों वर्ग का व्यापारी अपनी अपनी तैयारी में जुटा है।