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दोस्ती एक प्यारा सा बंधन है जो किसी रिश्ते में बंधा नहीं होता

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आचार्य निर्भय सागर द्वारा सम्मानित होते शिक्षक एमएलसी डॉ मानवेन्द्र प्रताप सिंह - फोटो : CITY OFFICE
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महानगर के खिरनीगेट स्थित श्री लख्मीचंद पांड्या खंडेलवाल दिगम्बर जैन मंदिर मे चल रहे चार्तुमास के दौरान रविवार को जैन मुनि आचार्य निर्भय सागर ने मित्रता दिवस पर धर्म सभा में प्रवचन करते हुए कहा कि हमें सभी से मित्रवत व्यवहार करना चाहिए। गरीब और दुखी लोगों के प्रति मन मे सहानुभूति और दया की भावना होनी चाहिए।
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ये बात हमारे व्यवहारिक जीवन में हमेशा होनी चाहिए। माता-पिता और परिवार के साथ आपका रिश्ता जन्म के साथ ही जुड़ जाता है। दोस्ती एक ऐसा रिश्ता होता है, जो लोग पहली बार खुद से बनाते हैं। यह आपकी भावनाओं पर आधारित रिश्ता है। बचपन में एक बच्चा अपने दिल से किसी अन्य बच्चे से जुड़ता है, उसके साथ खेलने जाता है।
प्रवचन का शुभारंभ मुख्य अतिथि एमएलसी डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा के बृज प्रांत के उपाध्यक्ष ठा. श्योराज सिंह, डॉ. दीपक पालीवाल, अम्बुज जैन प्रधानाचार्य, प्राची जैन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन के साथ कि या। संचालन अंशुल जैन ने किया ।
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