टप्पल थाना क्षेत्र में पिछले वर्ष महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में पुलिस एफआर (अंतिम रिपोर्ट) अदालत में ठहर नहीं सकी। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि साक्ष्यों को दरकिनार कर एफआर लगाई गई है। एफआर को खारिज करते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को 30 अगस्त को तलब किया है।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता एचपी सिंह ने बताया कि 23 अक्तूबर 2021 को टप्पल थाने में पीड़ित महिला की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें 12 अक्तूबर की घटना दर्शाते हुए कहा गया था कि उसके पति के दो परिचित उसके किराये के घर पर आए। उन्होंने पति को शराब लेने बाजार भेज दिया। इसी दौरान चाकू से डराकर दोनों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। मुकदमे में विवेचक ने सिर्फ आरोपियों की मोबाइल सीडीआर लोकेशन व उनके कुछ परिचितों के शपथ पत्रों के आधार पर 4 दिसंबर को एफआर लगा दी, जबकि पीड़ित महिला के न्यायालय के समक्ष दर्ज बयान, मेडिकल रिपोर्ट, आरोपियों की लोकेशन के साथ मोबाइल कैफ (मोबाइल नंबर धारक की पहचान) नहीं ली गई। अदालत में इसे लेकर पीड़ित पक्ष की ओर से विरोध अर्जी दायर की गई। इन्हीं दलीलों व साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को खारिज करते हुए कस्बे के ही दोनों आरोपी राहुल व वीकेश 30 अगस्त को तलब किए हैं।