जिले में पशुओं में फैल रहे लंपी वायरस की आड़ में क्वार्सी क्षेत्र के नगला पटवारी स्थित फैक्ट्री में बनती पकड़ी गई लाखों की नकली दवाओं के प्रकरण में पुलिस ने मौके से पकड़े गए फैक्ट्री संचालक समेत चार लोगों को बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।
लंपी वायरस से जुड़ी नकली दवाओं को पकड़े जाने का यह प्रदेश में पहला मामला है। विशेष सचिव पशुपालन देवेंद्र कुमार पांडेय एवं डीएम इंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर मंगलवार देर रात छापेमारी हुई थी। जिसमें मिली नकली दवाओं एवं फूड सप्लीमेंट की कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी गई है ।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह को नगला पटवारी स्थित गली नं. छह स्थित फैक्ट्री व मकान में वेटनरी से जुड़ी नकली दवाओं का जखीरा होने की सूचना मिली थी। सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार वर्मा, एसपी सिटी कुलदीप गुणावत के नेतृत्व में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मैसर्स दावसी फार्मास्यूटिकल्स गली नं. छह नगला पटवारी, बरौली रोड पर छापा मारा।
यहां लंपी स्किन डिजिज की अवैध होम्योपैथिक वेटनरी दवा का निर्माण किया जा रहा था। यहां से टीम ने फैक्ट्री संचालक शफीक अहमद सिद्दकी निवसी नगला पटवारी, क्वार्सी समेत चार लोगों को दवाओं की शीशीयों पर लेवल चिपकाते हुए और मिक्सिंग करते हुए दबोच लिया।
जिन्होंने अपनी पहचान अब्दुल सबुर खान एवं दानिश निवासी नगला पटवारी एवं साहिल निवासी भमोला, आलमबाग शमशाद मार्केट, सिविल लाइंस के रूप में बतायी। टीम को यहां से काफी मात्रा में लेवल, कार्टून, एल्यूमिनियम फोइल, पैक्ड औषधियां, खाली शीशी, कैप आदि औषधियों के निर्माण से जुड़ा पैकेजिंग मेटेरियल, कच्चे माल के भरे हुए बोरे, होम्योपैथिक मदर टिंचर, औषधि निर्माण से जुड़े उपकरण, मशीनरी आदि उपकरण बरामद गए।
औषधि निरीक्षक हेमेंद्र चौधरी की ओर से चारों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसमें होम्योपैथिक औषधि निर्माण, क्रय विक्रय, भंडारण एवं प्रदर्शन से जुड़ा कोई भी लाइसेंस न होने का भी आरोप है। टीम ने यहां से चार निर्मित औषधियों के नमूने एवं दो रो मेटेरियल के नमूने जांच को संग्रहित किए हैं। उधर, जब्त दवाओं को राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज छेरत में सुरक्षित रखवा दिया गया है।