इगलास कस्बे में सराफ पिता-पुत्र को लूटने वाले अंतरजनपदीय गैंग के चार बदमाशों को सजा सुनाई गई है। यह फैसला एडीजे-9 सुनील सिंह की अदालत से सुनाया गया है। खास बात यह है कि एक बदमाश को लूट के दौरान मौके पर ही लोगों की मदद से दबोचा गया था। यह गैंग हाथरस, मथुरा व आगरा में भी लूट की घटनाओं में शामिल रहा है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी जेपी राजपूत के अनुसार, घटना 16 फरवरी 2016 की शाम की है। कस्बा इगलास आनंद विहार के सतीश कुमार की सराफा की दुकान है। वे अपने बेटे प्रशांत संग दुकान बंद कर घर जा रहे थे। हाथ में जेवरात का थैला भी था।
इसी दौरान बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और फायर कर दिया। जिससे बेटा प्रशांत जख्मी हो गया। शोर शराबे पर लोगों ने घेराबंदी कर एक बदमाश को दबोच लिया, जबकि बाकी भाग गए। पकड़े गए बदमाश ने अपना नाम खौंदुआ मुरसान निवासी प्रेमपाल बताया, जबकि फरार साथियों के नाम सैलखेड़ा बल्देव मथुरा का रविंद्र, बल्लू उर्फ टाइगर उर्फ मानवेंद्र उर्फ मनोज व मूल रूप से कमालपुर इगलास हाल गोविंद नगर मथुरा निवासी दानवीर उर्फ देव बताया। एक अन्य का नाम अशोक बताया।
पकड़े गए प्रेमपाल से तमंचा, कारतूस व लूटा गया थैला बरामद हुआ। इस मुकदमे के आधार पर पुलिस ने अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की। न्यायालय ने चार्जशीट के बाद सत्र परीक्षण में प्रेमपाल, रविंद्र, बल्लू व दानवीर को दोषी करार देकर 10-10 वर्ष कैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। प्रेमपाल पर अतिरिक्त तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।