जिले में पशुओं में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) का प्रकोप लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अब तक 88 गांवों में यह बीमारी अपने पैर पसार चुकी है और 2840 पशु इसकी चपेट में आ चुके हैं। लंपी बीमारी से बृहस्पतिवार को टप्पल एवं खैर क्षेत्र में चार गोवंश की मौत हो गई। पशुपालन अब तक 13 गोवंश की मौत होने की बात कर रहा है। हालांकि, ग्रामीणों के अनुसार लंपी से अब तक दर्जनों गोवंश की मौत हो चुकी है।
जिले में खैर, चंडौस, टप्पल एवं अतरौली ब्लॉक के 88 गांवों में यह बीमारी फैल चुकी है। चंडौस ब्लॉक से लंपी बीमारी की शुरुआत हुई थी। अब तक पशुपालन विभाग की टीमें करीब 150 से अधिक गांवों में पशुओं का परीक्षण करने में जुटी हुई हैं। 74 हजार पशुओं का परीक्षण किया जा चुका है। 88 गांवों के 2840 पशु इस बीमारी से पीड़ित मिले हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि लंपी को लेकर विभागीय अफसर सतर्क हैं।
जिले भर में गांव-गांव पशुपालन विभाग की टीमें पहुंचकर गोवंश के साथ ही भैंस और दूसरे पशुओं पर भी नजर रख रही हैं। उन्होंने बताया कि पैंठ पर रोक लगाने के साथ ही दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाले पशुओं पर भी सख्ती से रोक लगायी जा रही है। उन्होंने बताया कि जल्द ही वैक्सीन मिलने पर पशुओं का टीकाकरण कराया जाएगा।