दूसरों को नसीहत, खुद मियां फजीहत वाला शेर आजकल वन विभाग पर सटीक बैठता दिखाई दे रहा है। पर्यावरण दिवस मनाने में व्यस्त विभाग अवैध पेड़ कटान की सूचना मिलने पर भी कर्रवाई नहीं कर रहा है।
रविवार को रहसूपुर गांव में आम, शीशम और नीम के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलनी शुरू हुई तो इस संबंध में अधिकारियों से शिकायत की गई। जब तक डिप्टी रेंजर पूरन सिंह और बीट प्रभारी सर्वेश कुमार मौके पर पहुंचे तब तक लकड़ी माफिया काटे गए पेड़ों की लकड़ी लेकर फरार हो गए। दूसरे दिन सोमवार को भी बहरामपुर और रहसुपुर गांव के मध्य नदी के निकट आम के कई पेड़ों पर कुल्हाड़ी चली। शिकायत हुई तो डिप्टी रेंजर पूरन सिंह और बीट प्रभारी सर्वेश कुमार मौके पर पहुंच गए। डिप्टी रेंजर ने बताया कि लकड़ी माफिया और मजदूर फरार हो चुके थे।
मौके से लकड़ी भरी मेटाडोर और ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद हुई। थाने ले जाने के दौरान चालक हरदुआगंज से चकमा देकर मेटाडोर को अतरौली की ओर भगा ले गया, जबकि लकड़ी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली को बीट प्रभारी रास्ते में एक किसान की सुपुर्दगी में दे आए, जो 24 घंटे बाद भी मंगलवार शाम तक थाने नहीं पहुंचाई गई।
कार्रवाई में बीट प्रभारी की मनमर्जी
आम तौर पर लकड़ी काटने के मामले में बीट प्रभारी संबंधित थाने को सूचना देकर पेड़ स्वामी और लकड़ी माफिया पर मुकदमा दर्ज कराते हैं। लेकिन हरदुआगंज जलाली क्षेत्र में कई घटनाओं में बीट प्रभारी द्वारा अलग-अलग तहत की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ मामलों में बीट प्रभारी ने मुकदमा दर्ज न कराकर विभागित एच टू केस की कार्रवाई कर जुर्माना लगाकर इतश्री कर दी, जबकि कुछ मामलों में थाने में मुकदमा दर्ज कराए गए। हालांकि रविवार और सोमवार को किए कटान में कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी।
कार्रवाई को लेकर डिप्टी रेंजर पर बीट प्रभारी के बयान विरोधाभाषी :
लकड़ी कटान की दो दिन की घटनाओं में कार्रवाई को लेकर जब बीट प्रभारी सर्वेश कुमार से पूछा गया तो उन्होंने विभागीय कार्रवाई कर दिए जाने का हवाला दिया। वहीं, डिप्टी रेंजर पूरन सिंह ने बताया कि दोनों घटनाओं के संबंध में बीट प्रभारी को थाने पर एफआईआर कराने को निर्देशित किया गया था। विभागीय कार्रवाई को नकारते हुए बताया कि यदि विभागीय कार्रवाई होती तो उनके संज्ञान में जरूर बात आती।
इस प्रकार की लापरवाही गैर जिम्मेदाराना है। दोनों ही घटनाओं में थाने पर एफआईआर होगी। साथ ही लापरवाही की जांच कर कार्रवाई की जाएगी
- दिवाकर बशिष्ठ, जिला प्रभागीय निदेशक वानिकी