उडान सोसाइटी के कार्यक्रम में उपस्थित महिलाएं।
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उड़ान सोसाइटी ने किशनपुर अंबेडकर बगीची स्थित गीता ज्ञानपीठ में मंगलवार को मलिन बस्ती की महिलाओं के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया।
बराबरी का अधिकार क्या और कैसे विषय पर एक परिचर्चा का भी आयोजन किया गया। संविधान और कानून की जानकारी दी गयी। घरेलू हिंसा और दहेज प्रथा, संपत्ति आदि में महिलाओं को मिले अधिकारों की भी जानकारी दी गई।
उड़ान सोसाइटी के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र मिश्रा ने कार्यक्रम के उद्देश बताए। टीकाराम कन्या महाविद्यालय की अध्यापिका डॉ. सपना सिंह ने बताया कि हमारे यहां वैदिक काल से ही बालिकाओं के उपनयन संस्कार की प्रथा रही है। आज नारी शिक्षा पर ध्यान देना होगा। मदर टच स्कूल की संचालिका आरती मित्तल, इनर व्हील क्लब कि अध्यक्ष हर्षा अरोरा ने नारी शक्ति पर जोर दिया।
मुख्य वक्ता के रूप में पधारी महिला सहायक संघ की अध्यक्ष डॉ. नमिता सिंह ने कहा कि महिला की सबसे बड़ी दुश्मन महिला ही है। महिला अत्याचारों पर अंकुश लगाना है तो बेटियों के साथ भेदभाव को समाप्त करना होगा। आंगनबाड़ी कार्यकत्री भगवान देवी एवं निधि ने कोमल है कमजोर नहीं तू शक्ति का नाम ही नारी है। रूही जुबेरी ने भी संबोधित किया।
सरसैयद एजुकेशनल एंड माइनोरिटी वेलफेयर सोसाइटी के सचिव मोहम्मद रफीक ने कहा कि महिलाओं को अरुणिमा सिन्हा से प्रेरणा लेनी होगी। जिसने एक टांग से एवरेस्ट फतेह की। नीलम सैनी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर पत्रकार दीपक शर्मा और पत्रकार राजनारायण सिंह ने भी विचार रखे।