किरन देवी, अभिषेक, कंचन कुमारी, सुमित्रा देवी, हंशिका, ज्ञानेश, रूबी, प्रियांशी, सुनहरी देवी, विमलेश, उर्मिला, सरिता, ओमवती, चेतन, बेबी, पूजा, सरिता आदि।
एफडीए टीम ने लिए नमूने
स्वास्थ्य अधिकारियों की सूचना पर एफडीए की टीम भी मोहल्ले में पहुंच गई। वहां से दोनों खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए हैं। साथ में उन्हें बनाने में शामिल हुए खोवा व अन्य कच्चे माल के सैंपल भी संबंधित दुकानों से लिए गए हैं। ताकि जांच में यह साफ हो सकेगा कि खराबी किस उत्पाद की वजह से आई।
एक परिवार के छह लोग बीमार
सेवानिवृत्त दरोगा गेंदा सिंह के घर के ठीक सामने रहने वाले यशपाल सिंह ने बताया कि बची हुई मिठाई सोमवार दोपहर में वितरित की गई थी। जिसे मोहल्ले में लोगों ने खाया और हमारे परिवार ने भी खाया। इस वजह से उनके दो बच्चे, पिताजी, खुद की व छोटे भाई की पत्नी, छोटे भाई का बच्चा बीमार हुए हैं। बच्चे अभी निजी अस्पताल में भरती हैं।
मोहल्ले में नहीं बना खाना
सोमवार देर शाम से घटनाक्रम शुरू होने के बाद मोहल्ले के ज्यादातर परिवार अस्पताल में थे। दिन में हालांकि लोग उपचार के बाद घर पहुंचने लगे थे। मगर हायतौबा और उपचार के चलते घरों में दिन भर खाना नहीं बना।