शहर को सुंदर बनाने में जुटे स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने अभी तक सड़कें ही खोदकर डाल रखी थीं, अब हरे पेड़ों पर भी आरी चलाना शुरू कर दिया है। यह पेड़ पर्यावरण को बचाए रखने में सहायक सिद्ध हो रहे थे। तय हुआ है कि जितने पेड़ों को काटा जा रहा है उसके बदले दोनों ही विभाग दस गुना पौधे ऐसे सुरक्षित स्थान पर लगवाकर उनकी देखभाल भी करेंगे, जहां उन्हें किसी तरह का नुकसान न होने पाए।
शहर को सुंदर बनाने में जुटे स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने अभी तक सड़कें ही खोदकर डाल रखी थीं, अब हरे पेड़ों पर भी आरी चलाना शुरू कर दिया है। चौराहा चौड़ीकरण के लिए सोमवार से क्वार्सी चौराहे के आसपास हरे पेड़ काटे जा रहे हैं। हालांकि यह सब अनुमति लेकर हो रहा है।
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मगर इलाके के लोग इस तरह हरे पेड़ काटने पर एतराज करने लगे हैं। सोमवार को प्रकरण पर्यावरणविदों तक पहुंचा, जिस पर अधिकारियों से शिकायत भी हुई है। सोमवार सुबह से रामघाट रोड पर दीनदयाल अस्पताल के पास सड़क किनारे खड़े हरे पेड़ों को आरी चलाकर काटा जा रहा है।
इलाके के लोगों और पर्यावरण हितैषी लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि शहर के विकास के नाम पर हरियाली को समाप्त किया जाना गलत हैं। इससे पर्यावरण को काफी नुकसान होगा। इलाके के लोगों की सूचना पर पर्यावरणविद सुबोध नंदन शर्मा ने अधिकारियों से शिकायत की है।
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- स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर में सड़क किनारे खड़े हरे पेड़ों को काटा जा रहा है। यह पेड़ पर्यावरण को बचाए रखने में सहायक सिद्ध हो रहे थे। इन्हें बिना किसी ठोस वजह के ही काट दिया गया है। - डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा समाजसेवी
- स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सारसौल चौराहे से रामघाट रोड तक 73 हरे पेड़ों को काटने की नगर निगम एवं पीडब्ल्यूडी ने संयुक्त रूप से लिखित में अनुमति मांगी गई है। तय हुआ है कि जितने पेड़ों को काटा जा रहा है उसके बदले दोनों ही विभाग दस गुना पौधे ऐसे सुरक्षित स्थान पर लगवाकर उनकी देखभाल भी करेंगे, जहां उन्हें किसी तरह का नुकसान न होने पाए।