जलाली कस्बे में एक शादी समारोह के बाद अनुसूचित जाति के कुछ युवकों का एक घोड़ा बग्घी चालक से विवाद हो गया। इसके बाद युवक युवकों और बैंड संचालक में मारपीट हो गई। युवकों ने एक समुदाय के बैंड संचालक पर बरात रोकने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल दी। इस पर पुलिस ने बैंड संचालक और उसके भाई समेत अज्ञात के विरुद्ध किया मुकदमा दर्ज करते हुए नामजदों पर शांतिभंग की कार्रवाई की है।
अलीगढ़ शहर के नगला कलार से जलाली कस्बे के मोहल्ला अबुल फजल में अनुसूचित जाति के एक परिवार में 11 जुलाई की रात बरात आई थी। बरात चढ़त के बाद देर रात करीब ढाई बजे बरात में शामिल नगला कलार के कुछ युवक अलीगढ़ लौटने के लिए कस्बा स्थित बंबा पुल पर खड़ी अपनी कार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान गंगीरी थाना क्षेत्र से बरात चढ़ा कर लौट रहे राजू बैंड की घोड़ा बग्घी वहां से होकर बहादुरगढ़ी गांव जा रही थी। इन युवकों ने कार तक ले जाने के लिए कहा। बग्घी चालक ने मना कर दिया तो एक युवक दौड़कर बग्घी पर चढ़ने लगा, जिस पर गिरकर वह घायल हो गया।
इससे गुस्साए युवक बैंड वाले की दुकान पर पहुंच गए। वहां दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इसके बाद उन्होंने अनुसूचित जाति की बरात रोके जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को फोन कर दिया। वहीं बैंड संचालक ने भी मारपीट कर लूटपाट का आरोप लगाते हुए तहरीर दे दी। चौकी इंचार्ज उमेश चंद्र शर्मा ने कार्यवाहक एसओ इफ्तिकार अली को सूचना देते हुए दोनों पक्षों को थाने भेज दिया।
इसके बाद अनुसूचित जाति के युवकों ने मारपीट का वीडियो और बरात रोके जाने का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाल दी। इस पर पुलिस ने टिंकू पुत्र उदयवीर की तहरीर पर उसके भाई सोनू का मेडिकल परीक्षण कराते हुए बैंड संचालक अजीम व शानू पुत्रगण मुन्ने खान के विरुद्ध मारपीट, धमकी, गाली - गलौज समेत एससी एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
दूसरी बरात की बग्घी को लेकर दो पक्षों में मारपीट हो गई थी। इसमें घायल का मेडिकल कराते हुए तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।
-मो. अकमल खान, सीओ अतरौली।