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Aligarh News: हापुड़ की घटना के विरोध में अधिवक्ताओं का उग्र प्रदर्शन-जाम

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हापुड़ की घटना के विरोध में दीवानी कचहरी के बाहर पुलिस के ​खिलाफ प्रदर्शन करते अधिवक्ता। संवाद - फोटो : samvad
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हापुड़ में अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन के बैनरतले अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया। काफी संख्या में जुटे अधिवक्ताओं ने जुलूस निकाला और दीवानी के बाहर मुरादाबाद हाईवे पर जाम लगाकर उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों को हवालात के अंदर रहने या फिर दीवानी से बाहर चले जाने की हिदायत दी गई। इसी बीच भीड़ में से किसी ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंक दिए, जिससे अफवाह फैल गई। मगर अधिकारियों ने समझाकर मामला शांत किया। घटना के विरोध में पोस्टकार्ड अभियान चलाया गया।
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बुधवार सुबह बार कार्यालय पर अध्यक्ष संतोष कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया। फिर हापुड़ में मुकदमा वापसी व पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन शुरू किया गया। इस दौरान दीवानी न्यायालय में जुलूस निकाला और फिर जुलूस दीवानी के बाहर पहुंचा, जहां मुरादाबाद हाईवे पर जाम लगा दिया। यहां प्रदर्शन के दौरान हंगामा भी हुआ। इस दौरान दीवानी हवालात में मौजूद पुलिसकर्मियों ने खुद को अंदर कर लिया और अधिवक्ताओं ने भी उन्हें अंदर रहने की हिदायत दी। गेट पर मौजूद पुलिसकर्मी भी वहां से हटकर तस्वीर महल पहुंच गए।




इस दौरान पुलिसकर्मियों से हल्की-फुल्की नोकझोंक भी हुई। इसी बीच किसी ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंक दिए। जिससे शहर में अफवाह फैल गई। सूचना पर एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट, सीओ तृतीय अशोक कुमार सिंह सहित कई थानों का फोर्स पहुंच गया। किसी तरह अधिवक्ताओं को समझाकर शांत किया गया।
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इधर, यूथ एडवोकेट काउंसिल ने प्रतीक चौधरी की अगुवाई में पोस्टकार्ड अभियान चलाया। पोस्टकार्ड अभियान के माध्यम से अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति से हापुड़ के सीओ व अन्य वरिष्ठ पुलिसजन को तुरंत बर्खास्त करने, जिम्मेदार पुलिस वालों पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजने, अधिवक्ताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने, भविष्य में अधिवक्ताओं के सम्मान से हो रहे खिलवाड़ को रोकने व अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग रखी। इस दौरान एक हजार पोस्टकार्ड राष्ट्रपति के नाम भेजे गए हैं।




प्रदर्शन के दौरान महासचिव दिनेश शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंकज कुमार सक्सेना, अब्दुल कबीर, तौसीफ अहमद, शैलेश रावत, विनय यादव, राजेंद्र यादव, सीजी यादव, नागेंद्र कुमार, शाकिर चौधरी, हरिमोहन सिंह, कमला भट्ट, आशीष शर्मा, जगदीश सारस्वत, दीपक बंसल, गणेश शर्मा, प्रवीन नाथ शर्मा, अजय सिंह आदि तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे। बार अध्यक्ष संतोष कुमार वाशिष्ठ ने कहा कि प्रदर्शन शांति पूर्वक हुआ है। किसी अधिवक्ता की ओर से पत्थर नहीं फेंका गया।









वीडियो में एक युवक पत्थर फेंकते हुआ कैद



इस प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक युवक दीवानी से तस्वीर महल की ओर जाते पुलिसकर्मियों पर पीछे से पत्थर फेंकते कैद हुआ है। यह उस समय की घटना है, जब अधिवक्ता दीवानी परिसर में जुलूस निकाल रहे थे। अधिवक्ता दीवानी के अंदर थे और पुलिसकर्मी बाहर थे, जिन्हें देख कुछ अधिवक्ता शोरशराबा करते हुए भगा रहे थे और कह रहे थे कि इन्हें यहां से मारकर भगाओ। इस दौरान कुछ युवा अधिवक्ता उनके पीछे दौड़े भी हैं। जिसमें से किसी युवक ने पत्थर फेंका है। इस विषय में सीओ तृतीय एके सिंह का कहना है कि अधिवक्ताओं की ओर से कोई पत्थर नहीं फेंके गए। ये किसी ने अफवाह फैलाई है। जांच में घटना झूठी पाई गई है।
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