उन्होंने बताया कि शहर में जमालपुर व जेएनएमसी क्षेत्र को डेंगू का हाट स्पाट घोषित किया गया है। देहात क्षेत्र में लोधा में देवी का नगला व बिजौली ब्लाक में रामपुर कटका पहले से ही हाटस्पाट घोषित है। उन्होंने बताया कि किसी भी क्षेत्र में तीन से अधिक संक्रमित मरीज मिलने पर हाटस्पाट घोषित किया जा रहा है। शनिवार को भी टीमें जिले में सक्रिय रहीं।
हर दिन जांच को आ रहे 35 से 40 सैंपल
सरकारी स्तर पर डेंगू जांच के लिए इकलौती जांच जिला अस्पताल में संचालित है। जहां हर दिन 35 से 40 सैंपल जांच के लिए आ रहे हैं। 24 घंटे में जांच के साथ-साथ एलाइजा रिपोर्ट देनी होती है। यह जांच जिले के सभी सीएचसी व भ्रमण कर रही जांच टीमों द्वारा संकलित कर दी जाती हैं।
बात अगर ब्लड बैंक की करें तो यहां से भी 4 से 5 मरीजों के लिए हर दिन प्लेटलेट्स की डिमांड की पूर्ति की जा रही है। यह हाल अकेले सरकारी लैब व ब्लडबैंक का है। इसी तरह से जिले भर में निजी लैब व ब्लडबैंकों में भी काम जारी है।
दोनों अस्पतालों में बीमारों की सुबह से लग रही लाइन
मौसम लगातार बीमार कर रहा है। बुखार, सर्दी, खांसी आदि बीमारियों से बेहाल लोगों की लाइन सुबह से ही जिला अस्पताल व दीनदयाल अस्पताल में लग रही है। शनिवार को दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में 1900 व मलखान सिंह जिला अस्पताल में 1831 की ओपीडी रही है। जिनमें सर्वाधिक संख्या वायरल बुखार, सर्दी, खांसी, सांस आदि बीमारी के मरीजों की रही। इस दौरान भीड़ के चलते पर्चा से लेकर ओपीडी व दवा लेने तक के काउंटर पर लंबी लाइन व मारामारी रही।
दीनदयाल अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर अनुपम भास्कर के अनुसार अस्पताल में लगातार डॉक्टरों की कमी के कारण से भी अस्पताल में मरीजों की भीड़ देखने को मिलती है। वर्तमान में चिकित्सक ओवरलोड मरीजों को देख कर अपना जिम्मा निभा रहे हैं।
शनिवार को अस्पताल में 123 मरीज भर्ती हैं। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉक्टर ईश्वर देवी बत्रा के अनुसार अस्पताल में 93 मरीज भर्ती हैं। त्योहार के बाद से अस्पताल में जमकर भीड़ नजर आई है। वायरल बुखार लोगों में बहुत ही बढ़ रहा है। लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए ,भीड़ वाले जगहों पर जाने से बचें।
प्रदूषण से पहुंच रहे सांस के मरीज
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉक्टर पी कुमार ने बताया कि 150 मरीजों की ओपीडी में लगभग 50 मरीज सांस वाले देख चुका हूं। इन दिनों वायरल बुखार व सांस वाले मरीज अधिक आ रहे हैं। क्योंकि दीपावली पर पटाखों के धुएं से वातावरण प्रदूषित हुआ है, जिसका असर सांस वाले मरीजों पर देखने को मिल रहा है। उन मरीजों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इस समय मच्छर भी बहुत अधिक पनप रहे हैं, जिनसे मलेरिया व डेंगू के मरीजों के बढ़ने की उम्मीद है।