क्वार्सी क्षेत्र के नगला मल्लाह में शराब के नशे में चारपाई का डंडा बेटे के सिर में मारकर मौत के घाट उतारने के दोषी पिता को अदालत ने दस वर्ष कैद व दस हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। यह सजा जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत से सुनाई गई है। खास बात यह है कि इस मुकदमे में आरोपी को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार देकर सजा सुनाई गई है।
अभियोजन अधिवक्ता डीजीसी फौजदारी धीरेंद्र सिंह तोमर के अनुसार, घटना 3 अगस्त 2017 की है। वादी राजेंद्र सिंह ने 5 अगस्त को अपने पिता होरीलाल के खिलाफ क्वार्सी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप था कि उन्होंने घटना वाली रात शराब के नशे में घर आकर रोक-टोक करने पर छोटे बेटे लव उर्फ छोटू के सिर में चारपाई का डंडा मार दिया। जिससे वह जख्मी हो गया, जिसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराय गया है। मुकदमे के दूसरे दिन यानी 7 अगस्त को छोटू की मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के आधार पर हत्या की धारा में होरीलाल के खिलाफ चार्जशीट दायर की। सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों व गवाही के आधार पर माना कि नशे में बिना किसी उद्देश्य के होरीलाल ने डंडा मारा था, जिससे छोटू की मौत हुई। इस आधार पर गैर इरादतन हत्या का दोषी मारते हुए दस वर्ष कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
दिव्यांग युवती से छेड़खानी के दोषी को सुनाई गई सजा
खेत पर शौच के लिए गई अनुसूचित जाति की दिव्यांग युवती से छेड़खानी के दोषी को अदालत ने सजा सुनाई है। यह फैसला एडीजे विशेष एससीएसटी संजीव कुमार सिंह की अदालत से सुनाया गया है। अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी चमन प्रकाश शर्मा के अनुसार घटना 8 मार्च 2003 की है। अनुसूचित जाति की दिव्यांग युवती खेत में शौच के लिए गई थी। तभी नामजद रियासत ने उसे घेरकर जमीन पर गिराकर छेड़खानी की और विरोध पर मारपीट की। उसके कपड़े फाड़ दिए। शोरशराबे पर आरोपी धमकी देते हुए भाग गया। मामले में मुकदमे के आधार पर चार्जशीट दायर की गई। अदालत में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर 2 वर्ष की सजा व 12 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। साथ में जुर्माने में से 6 हजार रुपये पीड़ित को देने के निर्देश दिए हैं।