फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh: गूलर रोड पर दिनदहाड़े हत्या में चार बेटों सहित पिता को उम्रकैद, बेरहमी से किया था कत्ल

Thu, 22 Sep 2022 12:57 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

वादी अधिवक्ता संजीव शर्मा के अनुसार दुकान के सामने कचौड़ी की ढकेल लगाने को लेकर काफी समय से दोनों पक्षों में रंजिश पनपी हुई थी। इंद्रपाल के चार बेटे हैं। वह सभी मिलकर दबंगई दिखाते और जगदीश पक्ष पर भारी पड़ जाते थे।
विज्ञापन
आरोपी को जयपुर की पॉक्सो अदालत ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महानगर के देहली गेट क्षेत्र के गूलर रोड पर दिनदहाड़े एक चाय विक्रेता की चाकुओं से गोदकर हत्या में दोषी एक व्यक्ति और उसके चार बेटों को उम्रकैद की सजा मिली है। बुधवार को यह फैसला एडीजे फास्ट ट्रैक द्वितीय दिनेश कुमार नागर की अदालत से सुनाया गया है। दुकान के विवाद में हुए इस हत्याकांड के दौरान बीच-बचाव में मृत चाय विक्रेता का बेटा भी जख्मी हुआ था। घटना के समय इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

विज्ञापन


अभियोजन के अधिवक्ता एडीजीसी जीतू वार्ष्णेय के अनुसार घटना 16 अक्तूबर 2012 की दोपहर एक बजे की है। वादी मुकदमा गूलर रोड निवासी विमला कुमारी के अनुसार उनके पति घर के बाहर किराये की दुकान लेकर चाय बनाकर बेचते थे। दुकान स्वामी ने कुछ अन्य लोगों से दुकानें खाली करा ली थी। उनका विवाद लंबित था। इस दौरान दुकान स्वामी ने कचौड़ी की ढकेल लगाने वाले नगला मसानी के इंद्रपाल को उनकी दुकान किराए पर देने की बात तय कर दी। इंद्रपाल चाय की दुकान के आगे ही ढकेल लगाने लगा। इसे लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था।

घटना वाले दिन इंद्रपाल अपने चारों बेटों व कुछ अन्य लोगों के साथ हाथों में चाकू-तमंचे आदि लेकर पहुंचा। इन लोगों ने जगदीश पर चाकुओं से हमला कर दिया। इस दौरान हवाई फायर भी किया गया। शोरशराबे पर घर में खाना खा रहा उनका बेटा सुनील बाहर आया तो बीचबचाव में उसे भी हाथ में चाकू मारकर घायल कर दिया। इस दौरान जगदीश को चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी।
विज्ञापन

मुकदमे में इंद्रपाल व उसके चारों बेटों के अलावा दो अन्य को नामजद किया गया। पुलिस द्वारा सिर्फ इंद्रपाल के चारों बेटों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई।

वादी पक्ष के अधिवक्ता संजीव शर्मा ने इंद्रपाल को भी न्यायालय में तलब कराया। सत्र परीक्षण के दौरान इंद्रपाल और चारों बेटों क्रमश: पवन, पूरन, देवा व छोटे को साक्ष्यों व गवाही के आधार पर दोषी करार दिया गया और उम्रकैद व 13-13 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है। देवा पर चाकू बरामदगी के आधार पर 3 हजार रुपये अतिरिक्त जुर्माना तय किया गया है।

विज्ञापन

बेरहमी से हुआ था कत्ल, शरीर पर थे 11 घाव
एडीजीसी जीतू वार्ष्णेय के अनुसार गूलर रोड जैसे इलाके में इस हत्याकांड को दिनदहाड़े बेरहमी से अंजाम दिया गया था। इस दौरान सड़क पर राहगीर आ-जा रहे थे और हमलावर इलाके में घटना को अंजाम देने के साथ दहशत फैला रहे थे। पोस्टमार्टम में जगदीश के शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चाकुओं के कुल 11 निशानों ने यह गवाही दी कि उसका कत्ल बेरहमी से किया गया है।
2013 में शुरू हुई गवाही, 12 गवाह हुए पेश

इस मुकदमे में पहले दिन से वादी पक्ष की पैरवी कर रहे अधिवक्ता संजीव शर्मा ने बताया कि मुकदमे में गवाही वर्ष 2013 में शुरू हुई। अब ट्रायल पूरा होने पर आरोपियों को दोषी करार देकर सजा सुनाई गई। इस मुकदमे में वादिया के अलावा उसकी बहू, जख्मी बेटा व परिवार के तीन लोगों सहित कुल 12 गवाह उनकी ओर से पेश किए गए। वहीं एक गवाह बचाव पक्ष ने पेश किया।

यह है रंजिश, पहले भी एक मुकदमे में सजा
वादी अधिवक्ता संजीव शर्मा के अनुसार दुकान के सामने कचौड़ी की ढकेल लगाने को लेकर काफी समय से दोनों पक्षों में रंजिश पनपी हुई थी। इंद्रपाल के चार बेटे हैं। वह सभी मिलकर दबंगई दिखाते और जगदीश पक्ष पर भारी पड़ जाते थे। इस घटना से दो माह पहले भी मारपीट हुई थी, उसमें भी पुलिस ने जगदीश की बहू आशा का डॉक्टरी परीक्षण कराया था।

इसके अलावा एक मर्तबा जगदीश की पत्नी को पीटते हुए सरेराह कपड़े फाड़कर छेड़खानी तक की गई थी, जिसका मुकदमा इंद्रपाल, उसके बेटे पवन व पूरन पर दर्ज हुआ था। उस मुकदमे में एसीजेएम-9 की अदालत से अकेले पवन को दोषी करार देकर 7 अप्रैल 2016 को दो वर्ष की सजा से दंडित किया था। यह मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद से परिवार की रंजिश बढ़ गई थी और मौका पाकर हत्या को अंजाम दिया गया था। हत्या के मुकदमे में पवन व देवा को हाईकोर्ट तक से जमानत नहीं मिली थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें