भरा-पूरा परिवार, लेकिन पिता-पुत्री ही रहते थे घर पर आरोपी व्यक्ति के चार बेटे और चार बेटियां हैं। एक बेटा शादीशुदा है जो बाहर कहीं रहता है। तीन अन्य बेटे भी कामकाज के सिलसिले में गांव से बाहर ही रहते हैं। तीन बेटियां शादीशुदा हैं। करीब 70 वर्षीय पिता ने तीन साल पहले अपनी पत्नी को तलाक दे दिया था। उसका गांव में ही मायका है। इसलिए तलाक के बाद से उनकी पत्नी मायके के बजाय अपनी ननिहाल में रह रही थी। यही वजह है कि सबसे छोटी बेटी और उसके पिता ही घर पर रह रहे थे।
नहीं आए परिजन, रिश्तेदारों ने दफनाया शव
पोस्टमार्टम के बाद शव लेने कोई परिजन नहीं आया, बल्कि रिश्तेदार ही शव गांव ले गए और उन्होंने ही दफनाया।
पहले भी होती रही हैं झूठी शान में हत्याएं
झूठी शान के लिए जिले में पहले भी ऐसी घटनाएं हुईं जो लंबे समय तक सुर्खियों में रहीं। इन घटनाओं में भी झूठी शान की खातिर प्रेम संबंधों में परिवार के सदस्यों को मौत के घाट उतारा गया। सबसे ज्यादा चर्चित घटना पालीमुकीमपुर में चाचा व परिवान के अन्य सदस्यों द्वारा भतीजी व उसके प्रेमी की गाड़ी से कुचलकर हत्या की घटना हुई। जिसमें परिवार के सदस्यों ने तगड़ी साजिश रची थी, जिन्हें गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा।
चर्चित घटनाक्रम
-2017 में खैर क्षेत्र के गांव सभापुर में झूठी शान की खातिर सगी बहन को मौत दे दी गई थी
2018 में लोधा के गांव बढ़ौला हाजी में प्रेमी प्रेमिका की गोली लगने से हुई मौत चर्चाओं में
-2018 में पालीमुकीमपुर क्षेत्र में भतीजी व उसके प्रेमी को चाचा ने कार से कुचलकर मारा
2021 में हरदुआगंज क्षेत्र के बरौठा में आम के पेड़ पर लटके मिले थे प्रेमी युगल के शव