अतरौली में क्षेत्रीय सहकारी समिति उत्तरी और दक्षिणी पर तड़के सुबह चार बजे से ही महिला और किसान लाइन लगाकर बैठ गए। अपराह्न 1 बजे तक भी डीएपी का वितरण शुरू नहीं हो सका। भूखे-प्यासे किसान और महिलाएं बेहद परेशान दिखे।
महज एक एक बोरी डीएपी पाने के लिए अतरौली में महिलाओं को घर का कामकाज छोड़कर तड़के सुबह से ही लाइन में लगना पड़ रहा है। एक बोरी डीएपी पाना उनके लिए किसी जंग को जीतने से कम साबित नहीं हो रहा।
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18 अक्टूबर को डीएपी आने की सूचना पर अतरौली में क्षेत्रीय सहकारी समिति उत्तरी और दक्षिणी पर तड़के सुबह चार बजे से ही महिला और किसान लाइन लगाकर बैठ गए। अपराह्न 1 बजे तक भी डीएपी का वितरण शुरू नहीं हो सका। भूखे-प्यासे किसान और महिलाएं बेहद परेशान दिखे। महिलाओं को घरों पर बच्चों के खाने की चिंता थी, लेकिन बार-बार कहने के बाद भी डीएपी का वितरण शुरू नहीं किया गया।
डीएपी वितरण शुरू न होने से किसानों ने सहकारी समितियों पर जमकर हंगामा किया और खुलेआम डीएपी की जमाखोरी करने के आरोप लगाए। सचिव हाकिम सिंह और हरिराज ने बताया कि ऊपर से ऑनलाइन लोड शो नहीं करने से वितरण नहीं हो पा रहा है। लोड आते ही वितरण शुरू होगा। दोपहर एक बजे के बाद वितरण शुरू हो सका, तब कहीं जाकर किसान और महिलाओं को राहत मिली।