सहकारी समितियों पर डीएपी के लिए मारामारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को क्षेत्र के गांव नगला जयलाल स्थित आत्मनिर्भर सहकारी समिति पर डीएपी खाद वितरण होने की सूचना पर बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए और हंगामा करने लगे। समिति संचालक से भी किसानों की तीखी नोकझोंक हो गई।
किसानों की अधिक संख्या को देखते हुए समिति संचालक ने प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दी। एसडीएम संजय कुमार, सीओ हिमांशु माथुर और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने किसानों को कतार में लगवाकर डीएपी का वितरण कराया। गौरतलब है कि आलू की बुवाई का समय काफी नजदीक आ गया है। ऐसे में किसानों को सबसे अधिक जरूरत डीएपी खाद की है। लिहाजा किसान डीएपी खाद के लिए अपने-अपने क्षेत्र की सहकारी समितियों और कृषक सेवा केंद्रों पर सुबह होने से पहले ही पहुंच रहे हैं।
गांव नगला जयलाल की आत्मनिर्भर सहकारी समिति पर भी किसान दिन निकलने से पहले ही पहुंच गए। काफी महिलाएं चौका-चूल्हा छोड़कर खाद लेने वालों की कतार में लग गईं। सुबह करीब 10 बजे तक भी खाद का वितरण शुरू नहीं हुआ तो किसान हंगामा करने लगे। यह देखकर समिति संचालक ने अफसरों को इसकी सूचना दी। मौके पर एसडीएम, सीओ और कोतवाल पहुंच गए। सुबह करीब 11 बजे खाद का वितरण शुरू कराया गया। यहां बुजुर्ग किसानों को सबसे पहले डीएपी उपलब्ध कराया गया।
किसानों का आरोप था कि समिति पर डीएपी पर्याप्त मात्रा में मौजूद है, लेकिन उसका वितरण नहीं किया जा रहा है। यहां काफी किसान सब कार्याें को छोड़कर सुबह पांच बजे ही खाद लेने पहुंच गए। काफी किसानों को डीएपी के लिए खतौनी लाने की जानकारी नहीं थी, लिहाजा उन्हें फिर से वापस जाकर खतौनी लानी पड़ी। करीब दो घंटे तक अफसर मौके पर जमे रहे और अपनी उपस्थिति में खाद का वितरण कराया। इधर, मुरसान रोड पर गांव शेरपुर की पीसीएफ कृषक सेवा केंद्र पर भी किसानों की लंबी कतार डीएपी लेने के लिए लगी रही। यहां भी दोपहर बाद ही किसानों को डीएपी का वितरण शुरू हो सका।
गांव नगला जयलाल की सहकारी समिति पर खाद लेने पहुंचे थे, लेकिन यहां तो सुबह पांच बजे से ही किसानों की भीड़ थी। सुबह नौ बजे तक भी यहां खाद का वितरण शुरू नहीं किया गया था।
-करन, गांव समदपुर।
खाद की कालाबाजारी को रोका जाना चाहिए, जिससे खाद की किल्लत दूर हो सके। समितियों पर यदि पर्याप्त मात्रा में खाद आ रहा है तो किसानों को समुचित मात्रा में वितरण क्यों नहीं किया जा रहा।
-बनवारीलाल, समदपुर।
सहपऊ में शाम चार बजे बाद हुआ खाद का वितरण
सहपऊ। एसडीएम के साथ सोमवार को समितियों की हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि किसान आधार कार्ड के साथ खतौनी भी साथ लेकर आएंगे। मंगलवार को जब किसान आधार कार्ड लेकर सहपऊ की बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर खाद लेने पहुंचे तो वहां उनको खतौनी लाने के लिए कहा गया। इसके साथ प्रशासन की ओर से खतौनी की जांच के लिए क्षेत्रीय लेखपाल नरेंद्र देव भी समिति पर पहुंच गए थे। इसके साथ जब किसान खतौनी की फोटो कॉपी करवाकर लाने लगे तो उनकी जांच और इसके बाद मशीन पर अंगूठा लगवाने के लिए उनको इंतजार करना पड़ा। शाम चार बजे के बाद समिति पर खाद का वितरण शुरू हो सका।
खतौनी निकलवाने के लिए जनसूचना केंद्र पर लगी भीड़
सहपऊ। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे जब किसान कस्बा की बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर पहुंचे तो उनको बताया गया कि उनको आधार कार्ड के साथ खतौनी की भी फोटो स्टेट देनी है, जिससे यह पता लग सके कि उनके खेत का रकबा कितना है। उसी हिसाब से उनको डीएपी खाद मिलेगा। एक एकड़ पर दो कट्टे और एक एकड़ से अधिक खेत पर केवल आठ कट्टे डीएपी खाद मिलेगा। यह सुनकर किसानों ने नाराजगी जाहिर की। सबसे पहले सभी किसान खतौनी की कॉपी निकलवाने जनसूचना केंद्र पर पहुंचे। वहां भीड़ लग गई।
मेरे पास एक एकड़ से अधिक रकबा है, लेकिन खाद कम मिल रहा है। आखिर बाकी बचे खेत के लिए डीएपी खाद कहां से उपलब्ध हो। बाजार में मिल जाता तो वहां से खरीद लेता।
- कौशल किशोर शुक्ला, गांव ढकपुरा
सुबह से शाम हो गई, लेकिन अभी खाद का वितरण शुरू ही नहीं हुआ है। पता नहीं कब मिलेगा। आलू की बुवाई का समय करीब आता जा रहा है। खाद नहीं मिला तो दिक्कत होगी।
-राजीव उपाध्याय, सहपऊ
जब हम इस समिति के शेयरधारक हैं तो खतौनी दिखाने से क्या होगा। पूरा लेखा-जोखा समिति के पास है। किसी अन्य को बताने और कहने की जरूरत नहीं है। केवल किसानों को मूर्ख बनाया जा रहा है।
- संतोष शर्मा, मोहल्ला शुक्लयाना सहपऊ
किसान भाई थोड़ा संयम रखें। सभी सहकारी समितियों और सेवा केंद्रों पर सुबह आठ बजे से खाद वितरण करने के लिए सचिवों को निर्देश दे दिए गए हैं। इसके लिए रोस्टर भी जारी कर दिया गया है। डीएपी की रैक जैसे-जैसे आ रही है, वैसे ही किसानों को खाद का वितरण किया जा रहा है। अपनी पंचायतों की समितियों से ही किसान खाद लें।
-संजय कुमार, एसडीएम सादाबाद।