नेत्रपाल सिंह का फाइल फोटो। स्रोत : परिवार
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रिवार की गुजर बसर का सहारा तीन बीघा खेत था। जिसकी निराश्रित पशुओं से रखवाली करने में किसान की जान चली गई। किसान के घरवालों का कहना है कि उसकी मौत ठंड से हुई है, क्योंकि उसका पूरा शरीर अकड़ गया था। किसान का अंतिम संस्कार सोमवार को किया गया। उसका पोस्टमार्टम नहीं किया गया था।
यह दुखद घटना सोमवार रात्रि की है। किसान के चार पुत्र हैं, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। परिवार के अनुसार गांव सुबकरा निवासी किसान नेत्रपाल सिंह पुत्र बदन सिंह के नाम पर तीना बीघा खेत हैं। परिवार की आर्थिक हालत खराब है। नेत्रपाल सिंह ने परिवार के पेट पालन को तीन बीघा खेत में गेहूं की फसल बो रखी थी, उसकी निराश्रित पशुओं से रखवाली के लिए वे रोज रात्रि को खेत पर जाते थे।
किसान को डर था कि फसल को निराश्रित पशु चट कर गए तो परिवार का भरण पोषण कैसे होगा। सोमवार सांय को किसान नेत्रपाल सिंह खेतों की ओर रखवाली को गए तो अन्य दिनों की तरह मध्य रात्रि को घर वापस नहीं आए। पत्नी को आशंका हुई तो परिवार के लोग खेतों पर पहुंचे। जहां किसान खेत में पड़ा हुआ था, उसका शरीर ठंड व कोहरे कारण अकड़ गया था। रात्रि में उसे परिजन आननफानन में निजी चिकित्सक के पास ले गए। जहां उसको मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।