फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Aligarh News: परिवार ने पहचानी सात वर्ष बाद जिंदा मिली बेटी, दर्ज कराए गए बयान

विज्ञापन
सात साल बाद जिंदा मिली युवती को कोर्ट में बयान दर्ज कराने के लिये ले जाते पुलिसकर्मी। संवाद - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
अपने गांव ढांठौली की जिस किशोरी की सात साल पहले हत्या के आरोप में विष्णु गौतम जेल में है, अब युवती हो चुकी अपनी बेटी को उसके परिवार ने पहचान लिया। सोमवार सुबह युवती को उसके परिवार से गोंडा थाने में मिलवाया गया। इसके बाद युवती को न्यायालय में पेशी के लिए लाया गया। जहां अदालत के आदेश पर उसके बयान दर्ज हुए हैं।
विज्ञापन

एडीजे विशेष पॉक्सो तृतीय की अदालत ने मामले में युवती व युवती के मां-बाप के डीएनए का मिलान के आदेश दिए हैं। अब मामले में मंगलवार को पुलिस विवेचक द्वारा युवती के बयानों का अवलोकन किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्यवाही तय होगी। बता दें कि अमर उजाला ने इस प्रकरण में रविवार के अंक में प्रमुखता के साथ खुलासा करते हुए खबर प्रकाशित की थी।
पिछले दिनों गोंडा थानाक्षेत्र के गांव ढांठौली की रहने वाली सुनीता वृंदावन के एक भागवताचार्य उदय कृष्ण शास्त्री के साथ एसएसपी कलानिधि नैथानी से मिलीं थीं। उन्होंने एसएसपी को बताया कि 17 फरवरी 2015 को गांव की दसवीं में पढ़ने वाली एक किशोरी के अपहरण और उसकी हत्या कर एत्मादपुर आगरा में फेंके जाने के आरोप में उसका बेटा विष्णु गौतम उर्फ विष्णु पंडित जेल में है। यह आरोप झूठा है।
विज्ञापन

मृत बताई जा रही वह लड़की जिंदा है। इस मामले में एसएसपी के निर्देश पर अग्रिम विवेचना करते हुए इंस्पेक्टर गोंडा ने युवती बनी इस किशोरी को हाथरस जिले के हाथरस गेट थाना क्षेत्र के गांव नगला चोखा से बरामद किया। जहां यह अपना नाम बदलकर एक व्यक्ति संग शादी कर रह रही थी। उसके दो बच्चे भी हैं। युवती से सोमवार को उसके माता-पिता, भाई आदि परिजनों को मिलवाया गया। सभी ने एक दूसरे को देखते ही पहचान लिया।
इसके बाद युवती को न्यायालय लाया गया। चूंकि विष्णु पर दर्ज अपहरण व हत्या का मुकदमा एडीजे विशेष तृतीय वीरेंद्र नाथ पांडेय की अदालत में चल रहा है तो वहां अग्रिम विवेचना की अनुमति के साथ-साथ युवती के बयान कराने और डीएनए जांच कराने संबंधी अनुरोध आवेदन विवेचक इंस्पेक्टर गोंडा उमेश कुमार शर्मा ने दिए। जिस पर न्यायालय ने बयानों की अनुमति दे दी।
साथ में युवती व उसके माता-पिता के डीएनए मिलान की भी अनुमति दे दी। इसके बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष युवती के कलमबद्ध बयान दर्ज कराए गए। फिलहाल युवती पुलिस की देखरेख में है। मंगलवार को फिर उसे न्यायालय में लाया जाएगा। जहां विवेचक स्तर से न्यायालय में दर्ज कराए गए बयानों का अवलोकन किया जाएगा। साथ में मां-बाप को बुलाकर तीनों के डीएनए नमूने लेने की प्रक्रिया आदि कराई जाएगी। बयानों के अवलोकन के आधार पर न्यायालय से अनुमति लेकर युवती को लेकर फैसला होगा।
अभी युवती के बयान हुए हैं। उनके अवलोकन के बाद आगे की कार्यवाही तय होगी और डीएनए जांच आदि कराई जाएगी। बयान का अवलोकन करने के बाद पता चलेगा कि युवती ने क्या कहा है।
विज्ञापन

- राघवेंद्र सिंह, सीओ इगलास
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें