एजेंसियों को अंदेशा है कि वह अलीगढ़ आने से पहले आईएसआईएस, सिमी व हिजबुल जैसे संगठनों के संपर्क में आ गया था। चूंकि वह स्लीपर सेल विकसित करने में सक्रिय था। इसलिए उसने अलीगढ़ में आईएसआईएस से कितने लोगों को जोड़ा और किन्हें जुडऩे के लिए प्रेरित किया। इस पर एजेंसियां काम कर रही हैं। इसी दिशा में प्रयास किया गया कि उसके सहपाठियों के जरिये कुछ उसके करीबियों या खास मित्रों आदि का ब्योरा मिल सके। इसके चलते प्रॉक्टर कार्यालय के जरिये उसके ऐसे पांच सहपाठियों से बातचीत की गई, जो उसे जानते पहचानते हैं।
मगर उनसे काफी देर की बातचीत बेनतीजा रही। वे उसके विषय में बहुत बेहतर कोई कारगर जानकारी नहीं दे सके। बस इतना ही बताया कि चूंकि उसे हॉस्टल नहीं मिला था। कक्षा में ही मुलाकात होती थी। वह भी कभी कभार। उसने खुद अपने विषय में जमालपुर में रहना बताया था। यह भी बताया कि करीब ढाई माह पहले अचानक वह गायब हुआ। तो उसका घर जाना मान लिया गया।
पहले सेमेस्टर की परीक्षा दी, दूसरे सेमेस्टर में नहीं हुआ शामिल
एएमयू ने एजेंसियों को उसका हाजिरी रिकार्ड देखकर यह जानकारी दी गई है कि वर्ष 2022-23 में उसने प्रवेश परीक्षा के माध्यम से एएमयू में दाखिला लिया। 90 दिन के पहले सेमेस्टर की परीक्षा में उसकी हाजिरी 75 फीसदी रही। जिसके चलते उसने पहले सेमेस्टर की परीक्षा तो पूरी दी है। मगर दूसरे सेमेस्टर में वह 90 में से मात्र 9 दिन दिन कक्षा में हाजिर रहा। इसलिए दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा नहीं दी है। अभी तक उसका दूसरे सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम तक नहीं आया है। अब उसे 13 जुलाई से तीसरे सेमेस्टर की कक्षा में शामिल होना था। मगर वह आया ही नहीं। इस विषय में एएमयू कंट्रोलर कार्यालय से बारीकी से जानकारी करने का प्रयास किया गया। मगर कंट्रोलर कार्यालय से बात न हो सकी।
मन्नान और राष्ट्रगान पर एक्शन, फिर इस पर इंतजार क्यों
एएमयू में यह पहला मौका नहीं, जब छात्रों पर आरोप लगे हों। मगर इस बार कार्रवाई को लेकर पता नहीं किस बात का एएमयू का इंतजार है। अगर पिछले रिकार्ड पर गौर करें तो एएमयू के ही रिसर्च स्कॉलर मन्नान वानी के गुमशुदा होने के कुछ दिन बाद उसका एक फोटो एके-47 के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। सुरक्षा एजेंसियों के जरिये उसके विषय में हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बनने खबरें सार्वजनिक हुईं और उसे निलंबित किया गया।
इसी तरह पिछले दिनों एक एनसीसी कैडेट पर राष्ट्रगान के दौरान अल्ला-हो-अकबर सरीखे नारे लगाने का आरोप लगा और उसे निलंबित किया गया। मगर इसके मामले में एएमयू को अभी एनआईए से किसी आदेश या लिखित पत्र का इंतजार है। इस विषय में एएमयू प्रॉक्टर प्रो.वसीम अली इतना ही कहते हैं कि अभी एनआईए के स्तर से सीधे कोई सूचना नहीं मिली है।
इस पूरे मामले में एनआईए व अन्य एजेंसियां अपने अपने स्तर से जांच कर रही हैं। हम पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं। किसी भी तरह की मदद अगर मांगी जाएगी तो दी जाएगी। -कलानिधि नैथानी, एसएसपी