फोटो--- हेडिंग कारखाना.. ३७ श्रम अधिनियमों में तीन वर्ष की छूट अमर उजाला ब्यूरो अलीगढ़। प्रदेश के श्रम आयुक्त सुधीर एम बोबड़े ने कहा है कि कारखानों को संचालित करने में होने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए श्रम विभाग ने ३७ अधिनियम में तीन वर्ष तक की छूट दी है। कुल ४४ श्रम अधिनियम में ३९ केंद्र सरकार और ५ राज्य सरकार के हैं। जिसमें सात को छोड़ कर बाकी में तीन वर्ष तक छूट दी गई है। लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष गौरव मित्तल ने बताया कि बेवीनार में श्रम आयुक्त सुधीर एम बोबड़े ने नये नियमों का एलान किया। जिससे अलीगढ़ के उद्यमियों को अवगत कराया जाएगा। खास बात.. १-शॉप एंड कमर्शियल एक्ट व अन्य संबंधित पंजीकरण व्यवस्था एक दिन में पंजीकरण नवीनीकरण की व्यवस्था की गई है। २-फैक्ट्री एक्ट में संशोधन कर पावर सहित श्रमिकों की संख्या १० से बढ़ा कर २० कर दी गई है। बिना पॉवर श्रमिकों की संख्या २० से बढ़ा कर ४० कर दी गई है। ३-जहां कोई भी कर्मचारी नहीं हैं, वहां पंजीकरण नवीनीकरण व्यवस्था समाप्त कर दी गई है, केवल एक बार पंजीकरण कराना होगा। ४-दुकानों एवं कारखानों में ओवरटाइम के घंटे बढ़ा दिए गए हैं। महिलाओं को कुछ शर्तों के साथ ओवरटाइम में छूट दी गई है। ५-कांट्रेक्ट लेबर एक्ट में पहले २० श्रमिकों पर लाइसेंस अनिवार्य था, अब इस लाइसेंस को ५० लेबर पर लेना होगा। ६-कारखानों में निरीक्षण करने के लिए अधिकारी अनुमति लेंगे और ४८ घंटे के अंदर उसको वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। ७-बॉयलर निरीक्षण में थर्ड पार्टी की व्यवस्था की गई है। फैक्ट्री एक्ट में भी थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था की जा रही है।