अलीगढ़। महानगर के बाईपास हाईवे पर मडराक क्षेत्र में भदेसी-पड़ियावली के मध्य बुधवार सुबह-सुबह कार एक्सीडेंट में चाचा-भतीजे सहित तीन लोगों की मौत हो गई। चालक गंभीर रूप से जख्मी हुआ है। दुर्घटना उस समय हुई, जब कार सवार लोग किशनपुर से कार में घूमने के लिए निकले थे। खबर पर परिवारों में कोहराम मच गया। पुलिस ने आनन-फानन शवों को वहां से मोरचरी भिजवाया और घायल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए थे।
किशनपुर निवासी रेशमपाल प्रजापति के चार बेटों में गोपाल (26) तीसरे नंबर का था और किशनपुर में ही बिल्डिंग मैटेरियल का व्यापार करता था। रेशमपाल के घर में ही दीपू (20) पुत्र सत्येंद्र निवासी चंडौला छतारी बुलंदशहर किराये पर रहकर यहां बीएससी की पढ़ाई कर रहा था। इसके अलावा गोपाल का पड़ोसी महेश पेशे से कार ड्राइवर है। इन तीनों में अच्छी दोस्ती थी।
महेश इन दिनों जमालपुर के व्यक्ति की मारुति रिट्ज चला रहा है और कार को वह अपने घर ही ले आता था। बुधवार सुबह करीब छह बजे महेश, गोपाल व दीपू ने कार में घूमने जाने का प्लान बनाया। इसी बीच गोपाल अपने बड़े भाई हरीश के बड़े बेटे विवेक उर्फ मन्नू (6) को प्यार में सोते हुए ही कार में घुमाने ले गया। कार महेश चला रहा था।
कार क्वार्सी चौराहे से एटा चुंगी होते हुए नए हाईवे बाईपास पर पहुंची तो उसकी रफ्तार बढ़ गई। भदेसी से पड़ियावली के मध्य मडराक क्षेत्र में पड़ने वाले एक ओवरब्रिज के पास अचानक कार का अगला टायर बस्ट हुआ और कार अनियंत्रित होकर किलोमीटर प्रदर्शन पोल से टकराती हुई पलटा खाकर बीच डिवाइडर पर उल्टी खड़ी हो गई। एक्सीडेंट इतना जबरदस्त था कि प्रत्यक्षदर्शियों के रौंगटे खड़े हो गए। आनन-फानन राहगीरों की सूचना पर पुलिस दौड़ी चली आई। जब तक गोपाल, दीपू व मन्नू की मौत हो चुकी थी। महेश तड़प रहा था।
पुलिस ने पब्लिक की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। इस संबंध में मडराक पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम पर दिन भर लोगों की भीड़ जमा रही।
शादी के 48वें दिन प्रतीक्षा हुई विधवा..परिवार में कोहराम
पेशे से बिल्डिंग मैटेरियल व्यापारी गोपाल की शादी इसी साल 17 अप्रैल को प्रतीक्षा नाम की युवती से हुई। परिवार में सब कुछ हंसी खुशी था। गोपाल का बड़ा भाई हरीश खुद प्राइवेट जॉब करता था और उस पर दो बेटों में मन्नू बड़ा था, जो थ्री डॉट्स स्कूल में एलकेजी का छात्र था। घर में सबसे बड़ा बच्चा होने के कारण मन्नू परिवार में बेहद चहेता। इसी प्यार में गोपाल उसे अपने साथ ले गया था।
एक साथ पहुंची दो लाशें..परिवारों में कोहराम
पोस्टमार्टम के बाद दीपू के शव को उसके परिजन अपने साथ चंडौला ले गए, जबकि गोपाल व मन्नू के साथ एक साथ किशनपुर पहुंचे तो परिवार में महिलाओं का हाल बेहाल था। कोहराम की स्थिति बनी हुई थी।