उम्र भर जिसने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के स्कूलों में बच्चों का इम्तिहान लिया हो, उन्हें अब अपने इम्तिहान से डर लग रहा है। यह शिक्षक वर्षों से स्कूल में बतौर अस्थायी शिक्षक के रूप में पढ़ा रहे हैं। स्थायी नौकरी के चक्कर में युवाओं के साथ प्रतिस्पर्धा करना उनके लिए आसमान से तारा तोड़ने जैसा लग रहा है। इन बातों से वह परेशान हैं। इनमें एक दर्जन से अधिक ऐसे अस्थायी शिक्षक हैं, जिन्हें सेवानिवृत्त में होने में 4-5 साल बचे हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने 4 फरवरी 2023 को अलग-अलग विषयों में पीजीटी, टीजीटी, पीटी के 90 पदों पर शिक्षक भर्ती का विज्ञापन निकाला था। इनमें अस्थायी शिक्षकों ने भी आवेदन कर दिया, जो अरसे से एएमयू के स्कूल में पढ़ा रहे हैं। आवेदकों ने बताया कि यह तो अन्याय है। अस्थायी शिक्षकों ने अपनी पूरी जवानी बच्चों को पढ़ाने में लगा दी है, लेकिन जब उन्हें स्थायी करने की बात आई तो युवा आवेदकों के साथ उन्हें लिखित परीक्षा भी देनी पड़ेगी। आवेदकों का कहना है कि स्कूल के इतिहास में पहली बार लिखित परीक्षा हो रही है। परीक्षा के लिए विषय वार प्रश्न पत्र बनवाने की जिम्मेदारी स्कूल के स्थायी शिक्षकों को सौंपी गई है। फिलहाल, परीक्षा की तिथि घोषित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि स्कूल निदेशालय में निदेशक, उप निदेशक व अन्य पदों पर हैं, शिक्षा विभाग से कोई नहीं हैं।
ये हैं स्कूल
एसटीएस स्कूल, राजा महेंद्र प्रताप सिंह एएमयू सिटी स्कूल, एएमयू गर्ल्स स्कूल, सैयद हामिद सीनियर सेकेंडरी स्कूल (बालक), सीनियर सेकेंडरी स्कूल (बालिका), सिटी गर्ल्स हाईस्कूल काजीपाड़ा, अहमदी स्कूल फॉर द विजुअली चैलेंज्ड, एएमयू एबीके स्कूल (बालक), एएमयू एबीके स्कूल (बालिका), अब्दुल्लाह स्कूल।