बकाया वसूली के लिए विद्युत महकमा एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है। पिछले माह तक एकमुश्त समाधान योजना चलाकर बकाया वसूली की गई, जिसमें अलीगढ़ शहरी विद्युत वितरण खंड प्रदेश में प्रथम रहा, मगर विभाग का जिले के सबसे बड़े बकायेदार सरकारी महकमों पर ध्यान नहीं है। पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग, विकास भवन, खेल विभाग, आबकारी विभाग, गृह विभाग समेत 67 विभागों पर कुल 56 करोड़ रुपये का बिजली का बिल बकाया है। यह बिल सालों पुराना है।
इन दिनों बकाया वसूली को लेकर अभियान जारी है, जो बकाया जमा न करे, उसका कनेक्शन काट दो, मगर सरकारी महकमों से बकाया वसूली में बिजली विभाग भेदभाव कर रहा है। 56 करोड़ रुपये के बकाये पर सिर्फ नोटिस या चिट्ठी भेजकर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली जाती है। इनमें से किसी का संयोजन काटने की कवायद नहीं हुई।
अलीगढ़ में सबसे अधिक, हाथरस में सबसे कम बकाया
अलीगढ़। सरकारी महकमों के बकाये के मामले में मंडल में अलीगढ़ अव्व्ल है। अलीगढ़ पर सबसे अधिक करीब 56 करोड़ रुपये और हाथरस जिले में सबसे कम पांच करोड़ रुपये का बकाया है।
अलीगढ़ में ये हैं बड़े बकायेदार सरकारी विभाग
- 12 करोड़ 26 लाख रुपये - ग्राम विकास विभाग
- 18 करोड़ 18 लाख रुपये - पंचायती राज विभाग
- 02 करोड़ 11 लाख रुपये - गृह विभाग
- 01 करोड़ रुपये - होमगार्ड विभाग
- 06 करोड़ 73 लाख रुपये - चिकित्सा विभाग
- 13 करोड़ 98 लाख रुपये - प्राथमिक शिक्षा विभास
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मंडल में बकाया वसूली के लिए अभियान जारी है। सरकारी महकमों से लगातार पत्राचार व नोटिस भेजकर वसूली के लिए कहा जा रहा है। अब नियत समय पर बिल जमा न होने पर संयोजन काटने की प्रक्रिया की जाएगी।
- वेद प्रकाश, मुख्य अभियंता अलीगढ़ मंडल