मौसम में जल्द आई गर्माहट ने गेहूं की फसल को बुरी तरह से प्रभावित किया है। गेहूं के पौधे की तो बढ़वार ही थम गई है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि गेहूं का दाना भी कमजोर रह जाएगा। पैदावार में भी पंद्रह से बीस फीसदी की गिरावट आने का अंदेशा जताया जा रहा है। हालांकि अगेती बुवाई करने वाले किसानों को ज्यादा नुकसान नहीं माना जा रहा है।
अलीगढ़ जनपद में 3.20 लाख किसानों ने 2.05 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेंहू की फसल की बुवाई की है। नियत समय या थोड़ा विलंब से बोई गई फसल बाली देने वाली अवधि में अब तक आधी ऊंचाई तक ही पहुंची है। अब अगर बारिश या ओस नहीं मिली तो गेहूं का दाना पतला होगा व उपज में गिरावट होगी। जिले में सबसे अधिक गेहूं की फसल अतरौली, खैर, टप्पल और सबसे कम इगलास व गोंडा में होती है।
गेहूं की बुवाई की बात करें तो नवंबर मध्य ही सही समय है। कुछ किसान खेत खाली होने पर 15 नवंबर से पहले भी बुवाई करते हैं। जनवरी के बाद फसल में बाली आने लगती है व होली के बाद पकने लगती है। मगर 15 जनवरी के बाद से बढ़े तापमान से इस बार जल्दी गर्मी आ गई है। जिससे गेहूं के पौधे की बढ़वार थम गई है।
तापमान बढ़ने से गेहूं की पैदावार में कमी आ सकती है। अबकी बार समय से पहले गर्मी पड़ने से फसल पर सीधा प्रभाव पड़ा है।-धीरेंद्र सिंह, जिला कृषि अधिकारी