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डॉ. मुकेश दोबारा बने डीएस कॉलेज के प्राचार्य

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डीएस कॉलेज में नवनियुक्त प्राचार्य डॉ. मुकेश भारद्वाज का बुके देकर स्वागत करते सचिव राजीव अग्रव? - फोटो : CITY OFFICE
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डॉ. मुकेश भारद्वाज दोबारा डीएस कॉलेज के प्राचार्य बन गए हैं। हाईकोर्ट ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय अलीगढ़ के कुलपति के आदेश को निरस्त कर दिया। आदेश निरस्त होने के साथ ही प्राचार्य डॉ. आरके वर्मा को अपने पद से हटना पड़ा।
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पिछले दिनों कॉलेज प्रबंध समिति ने कई आरोपों में प्राचार्य डॉ. आरके वर्मा को निलंबित करके वनस्पति विज्ञान विभाग के शिक्षक डॉ. मुकेश भारद्वाज को प्राचार्य बना दिया था। निलंबित डॉ. वर्मा ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्रशेखर से इंसाफ की गुहार लगाई।
कुलपति ने प्रबंध समिति के निलंबन आदेश को रद्द करके डॉ. वर्मा को प्राचार्य पद की जिम्मेदारी सौंप दी। कुलपति के आदेश के खिलाफ प्रबंध समिति के सचिव राजीव अग्रवाल अनु हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट का आदेश आते ही डॉ. मुकेश भारद्वाज ने प्राचार्य पद की जिम्मेदारी संभाल ली। डॉ. मुकेश ने बताया कि उनकी प्राथमिकता प्रवेश, फीस को लेकर होने वाली दिक्कतों को दूर करना है।
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नाम कटवाने का अभिभावक का अनुरोध
वहीं डीएस कॉलेज में नियमित कक्षाएं नहीं चल पाने का छात्रों का आरोप है। इसकी वजह कॉलेज का नोडल केंद्र होना है। यहां पर अक्सर परीक्षाएं होती रहती हैं, जिसकी वजह से कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। यही वजह है कि अब विद्यार्थी और उनके अभिभावक यहां से बच्चों के नाम कटवाने के आवेदन करने लगे हैं।
कॉलेज में बीबीए के छात्र मयंक के पिता तरुण वार्ष्णेय ने पढ़ाई न होने का हवाला देते हुए अपने बेटे का नाम कटवाने के लिए कॉलेज प्रशासन से अनुरोध किया है। मयंक का कहना है कॉलेज में ठीक से पढ़ाई नहीं हो रही है। द्वितीय सेमेस्टर में तीन पेपर में बैक आ गया है, जबकि आंतरिक अंक देने में भी कोताही की जा रही है।
कुलपति पद हुआ शर्मसार : रक्षपाल
डॉ. बीआर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रक्षपाल सिंह ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति के आदेश को निरस्त करने को लेकर हाईकोर्ट के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा कि कुलपति ने प्रबंध समिति के आदेश को रद्द करके कुलपति पद का शर्मसार किया है। दरअसल, कुलपति ने प्रबंध समिति का पक्ष सुने बगैर अपना निर्णय दे दिया।
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