डॉ हिफजुर । रिसर्च स्कॉलर एएमयू
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जूलॉजी विभाग के डॉ. हिफ्जुर आर सिद्दीकी और उनकी टीम को कैंसर कोशिकाओं के विकास और उनके प्रसार को रोकने के लिए सोराफेनीब के साथ संयुक्त कंपाउंड फॉर्मूलेशन, माजून सुरंजान की खोज के लिए पेटेंट प्रदान किया गया है।
सिद्दीकी ने बताया कि ‘माजून सुरंजान’ के तत्व सूजन-रोधी है। हमने इस कंपाउंड फॉर्मूलेशन को सोराफेनीब के साथ जोड़ा है, जो कैंसर कोशिकाओं के विकास और इसके प्रसार को रोकता है। उन्होंने कहा कि माजून सुरंजान ने सोराफेनीब के साथ, सोराफेनीब को अकेले दिए जाने की तुलना में कोशिका व्यवहार में अधिक कमी दिखी। यह यौगिक सूत्रीकरण कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकता है और सोराफेनिब-आधारित चिकित्सा से गुजरने वाले कैंसर रोगियों में संभावित सहायक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
डॉ. सिद्दीकी ने कहा कि एफडीए ने कैंसर के शुरुआती चरणों में प्रभावी पाए गए सोराफेनीब को मंजूरी दी थी, जो एक समग्र मामूली लाभ दर्शाता है, इसलिए इस बात की आवश्यकता थी कि कैंसर उपचार के लिए इस के प्रभावी और गैर जहरीले एजेंट, जो उपभोग के लिए स्वीकार्य हैं, उसकी पहचान की जाए, जिसकी कोई प्रणालीगत विषाक्तता नहीं है, जो एक से अधिक महत्वपूर्ण मार्गों पर हस्तक्षेप कर सकते हैं, जिनका सहायक चिकित्सा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है और जो मौजूदा दवाओं की विषाक्तता को कम कर सकता है। उन्होंने कहा कि पेटेंट का मिलना एएमयू प्रयोगशालाओं में अंत:विषयी शोध की गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने इस शोध को शोधार्थी दीप्ति सिंह और मोहम्मद अफसर खान के साथ मिलकर अंजाम दिया है।