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Aligarh News: एक महीने में कुत्ते, बंदर और बिल्ली के शिकार हुए छह हजार

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ऊपरकोट में गली घेरकर बैठे आवारा कुत्ते।  - फोटो : samvad
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विपुल पाल
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आवारा कुत्तों, बंदरों और बिल्ली का कहर बढ़ रहा है। अस्पतालों में हर महीने ऐसे लगभग 6000 मामले पहुंच रहे हैं। जिले के दो सरकारी अस्पतालों में ही 5063 लोग एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे हैं। शहर के कई इलाके ऐसे हैं, जिनमें हमेशा डर का माहौल रहता है। न्यू सर सैय्यद नगर, जमालपुर, तैय्यब कॉलोनी, जीवनगढ़, स्वर्णजयंती नगर, कुलदीप नगर, सुरेंद्र नगर सहित कई इलाकों में ये घटनाएं बढ़ रही है। इन इलाकों में सबसे ज्यादा आवारा और पालतू कुत्ते हैं। बंदर और बिल्ली भी बहुत हैं। आवारा कुत्ते राहगीरों पर हमला कर रहे हैं। जिससे आम लोग दहशत में रहते हैं। इनके काटने से रैबीजौ और हाइड्रोफोबिया जैसी खतरनाक बीमारियों का खतरा है।

7000 से अधिक हैं पालतु कुत्ते



शहर में पालतू कुत्तों की संख्या लगभग 7000 है। दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय में पिछले एक महीने में कुत्ते, बिल्ली और बंदर के काटने से परेशान कुल 2963 लोग पहुंचे। जिला अस्पताल में ऐसे मामलों की संख्या एक महीने में 2100 तक पहुंच गई है।
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रोजाना जानवर कर रहे हमला



रविवार दोपहर स्कूल से घर लौट रहे आर्यन चौहान को गली के आवारा कुत्ते ने काट लिया। आर्यन के परिजनों ने बताया कि कुत्ते को पड़ोसी रोटी खिलाते हैं। लगातार शिकायत के बावजूद उन्होंने आदत नहीं बदली और न ही उस कुत्ते को नगर निगम को सौंपा। 11 मार्च को न्यू सर सैय्यद नगर में सड़क पर खेल रही बच्ची को कुत्ते ने काट लिया। दो दिन पहले अमीरनिशां से लौट रही दो छात्राओं पर कुत्तों ने हमला किया। रविवार दोपहर लाल डिग्गी स्थित सीएमओ दफ्तर पहुंचे सुनील को वहां के कुत्ते ने काटा। हद तो तब हो गई, जब दीनदयाल अस्पताल में इलाज के लिए आई मरीज को कुत्ते ने काट लिया। जमालपुर के राशिद ने बताया कि कुत्तों से बहुत परेशानी है। नगर निगम इनका कोई उपाय नहीं कर रहा।
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