महानगर के आईटीआई रोड पर बैठकर मोबाइल रिपयेरिंग व बिक्री की शॉप चलाने वाले दिव्यांग ने ओडिशा के लोगों से एक करोड़ से ज्यादा की ठगी कर दी। ओडिशा में जब पुलिस पर इसकी शिकायतें पहुंची तो उड़ीसा पुलिस हरकत में आई। मामले में इस दिव्यांग का नाम सामने आया। बुधवार को यहां पहुंची ओडिशा की ईओडब्ल्यू टीम ने क्वार्सी पुलिस के सहयोग से दिव्यांग को हिरासत में लिया गया। हालांकि देर रात पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। कुछ नाम अन्य सामने आए हैं, जिन्हें देखा जा रहा है।
पुलिस उपाधीक्षक की अगुवाई में ओडिशा से आई ईओडब्ल्यू की टीम ने बताया कि उनके राज्य में समाचार पत्रों में नौकरी के लिए उड़िया भाषा में एक विज्ञापन पिछले दिनों प्रकाशित हुई। उस विज्ञापन में ओडिशा राज्य में ही नौकरी के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए और आवेदन के साथ 3 हजार रुपये ऑनलाइन फीस भी मांगी गई। इस पर विश्वास कर काफी संख्या में लोगों ने आवेदन किए और एक करोड़ से ज्यादा की रकम लोगों से ठग ली गई।
इसके बाद उस साइट व उस पर अंकित नंबर बंद हो गए। उनसे संपर्क होना भी बंद हो गया। जब लोगों को ठगी का अहसास हुआ तो काफी संख्या में लोग अलग-अलग थानों में पुलिस तक पहुंचे। चूंकि मसला एक जैसा ही था, इसलिए इस प्रकरण की जांच ईओडब्लयू को सौंपी गई। ईओडब्ल्यू ने जांच में क्वार्सी मौलाना आजाद नगर के यूसुफ उर्फ मोनू खान का नाम सामने आया। वही इस रैकेट का कर्ताधर्ता पाया गया।
इस पर पुलिस बुधवार सुबह यहां पहुंची। यहां से जानकारी हुई कि वह व्यक्ति आईटीआई रोड पर मोबाइल शॉप चलाता है। इस पर दोपहर में क्वार्सी पुलिस के सहयोग से उसे दबोच लिया गया। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय ने बताया कि उससे पूछताछ की गई है। उसके साथ कुछ अन्य नाम सामने आए हैं। ओडिशा पुलिस ने उसे नोटिस तामील कराकर छोड़ दिया है। कुछ अन्य नामों पर काम किया जा रहा है।