प्रदेश के प्रमुख सचिव कारागार विभाग एवं जनपद के नोडल अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने योगी सरकार की प्राथमिकता में शामिल राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण में हो रही देरी और कछुआ चाल को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने ठेकेदार और अभियंताओं को युद्धस्तर पर मानव श्रम बढ़ाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दो शिफ्टों में यहां कार्य पूरा कराया जाए। यहां बमुश्किल 25 फीसदी काम पूरा हो सका है, जबकि यहां 33 फीसदी कार्य पूरा हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि खुद मुख्यमंत्री यहां आकर निर्माण में देरी को लेकर नाराजगी जता चुके हैं, इसके बाद भी निर्माणदायी संस्था इस ओर ध्यान नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य दो शिफ्टों में पूरा कराया जाए। उन्होंने चार्ट एवं विभिन्न भवनों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने डीएम इंद्र विक्रम सिंह को साप्ताहिक समीक्षा करने के साथ ही कांट्रेक्टर को प्रत्येक इमारत पर पूरी क्षमता से मानव श्रम लगाकर कार्य शुरू कराने को कहा।
प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण में एस्टीमेट रिवाइज किसी भी दशा में नहीं किया जाएगा। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अफसरों को स्पष्ट किया कि यदि काली सूची अथवा किसी भी प्रकार के आर्थिक दंड से बचना चाहते हैं तो मानव श्रम बढ़ाकर कार्य में तेजी लाएं और कार्य समय से पूरा करें।
उन्होंने कहा कि राज्य विश्वविद्यालय प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की हीलाहवाली या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग (विश्व बैंक खंड) ने बताया कि मै. ईश्वर सिंह एसोसिएट कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लि. आजाद नगर, हिसार के द्वारा राज्य विश्वविद्यालय का निर्माण किया जा रहा है।
यह कार्य जून 2023 तक पूर्ण किया जाना है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय निर्माण कार्य के लिए अब तक दो किस्तों में 35 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। जिसमें से 27.96 करोड़ रुपये का उपयोग कर लिया गया है। 07.04 करोड़ की धनराशि शेष है, जिससे निर्माण कार्य जारी है।
विश्वविद्यालय निर्माण की भौतिक प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासनिक एवं पुस्तकालय भवन के प्रथम तल के कॉलम का कार्य प्रगति पर है। शैक्षणिक भवन-एक शैक्षणिक भवन-दो में ग्राउंड फ्लोर के कॉलम एवं भूतल की छत आदि का कार्य प्रगति पर है।
प्रमुख सचिव ने की विकास कार्यों की समीक्षा
प्रमुख सचिव कारागार एवं नोडल अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में बाढ़ एवं अतिवृष्टि की आपदा से बचाव एवं राहत कार्यों के बारे में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। प्रमुख सचिव ने डीएम इंद्र विक्रम सिंह की जनशिकायत एवं भूमि विवाद मामलों के निस्तारण की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि डीएम के कार्यों, पीड़ित एवं जरूरतमंदों को दी जा रही आर्थिक मदद एवं सहायता को लेकर लखनऊ तक चर्चा है। इस तरह के पुण्य के कार्य वास्तव में सराहनीय और अनुकरणीय हैं।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि दैवी आपदा से बचाव एवं संपर्क के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। जिसे 24 घंटे संचालित किया जा रहा है। दैवी आपदा के संबंध में समिति का गठन किया गया है। समिति की बैठक कर संबंधित प्रकरणों का निस्तारण कराया जा रहा है। एडीएम वित्त अमित कुमार भट्ट ने बताया कि फसल बीमा कंपनी द्वारा 72 दावों को स्वीकृत किया गया है।
धान की खरीद के लिए 35 धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। उप कृषि निदेशक यशराज सिंह ने बताया कि 89 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की फसल की गई थी। नोडल अधिकारी ने अगैती एवं पिछैती धान की बुआई एवं बेमौसम हुई अतिवर्षा से हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बताया कि किसानों के जागरूक होने से जिले में पराली की घटनाओं में काफी कमी आई है।
नोडल अधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी से जनपद में डेंगू, मलेरिया एवं संचारी रोगों से बचाव के बारे में जानकारी लेते हुए नोडल अधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को बीमारियों से बचाव के लिए अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करने एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी ने ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के साथ निस्तारण के संबंध में जानकारी कर कूड़े को एकत्रित करने के पश्चात निर्धारित स्थानों पर जमा करने के साथ निस्तारण करने के निर्देश दिए। डीपीआरओ ने बताया कि ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन किया जा रहा है।
नोडल अधिकारी ने अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग को शासन द्वारा जारी रोस्टर के अनुसार गड्ढ़ा मुक्ति कार्य को समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर कहीं पर भी जलभराव की समस्या न हो। यदि कहीं पर भी अतिक्रमण के दृष्टिगत जलभराव हो रहा हो तो संबंधित उप जिलाधिकारी व पुलिस विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए तत्काल अतिक्रमण हटवाते हुए जलभराव की समस्या को दूर कराया जाए, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त न हों।
उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त स्थलों को चिह्नित कर उन जगहों पर ब्रेकर बनाने, साइन बोर्ड एवं स्ट्रीट लाइट लगाने के निर्देश दिए। ओडीओपी योजना के अंतर्गत चयनित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध कराने और नए उद्योगों की स्थापना के लिए भूमि का चिन्हीकरण कर आवंटन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि निराश्रित गोवंशों के लिए जिले में181 गो आश्रय स्थल संचालित हैं।
लंपी वायरस की रोकथाम के लिए वृहद स्तर पर वैक्सीनेशन कराया जा रहा है। डीएम ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत प्राथमिक विद्यालयों में ग्राम पंचायतों के माध्यम से फर्नीचर उपलब्ध कराते हुए विद्यालयों की स्थिति सुधार के क्षेत्र में बेहतर कार्य किए जा रहे हैं। स्मार्टफोन-टैबलेट वितरण योजना में 28615 का वितरण किया जा चुका है। बैठक में एसएसपी कलानिधि नैथानी, नगर आयुक्त अमित आसेरी, मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल, एडीएम प्रशासन डीपी पाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व अमित कुमार भट्ट आदि मौजूद थे।
बारिश से बेहद कम हुआ है किसानों का नुकसान
नोडल अधिकारी एवं प्रदेश के कारागार विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा है कि भारी वर्षा के चलते जिले में किसानों को अतिवृष्टि के चलते करीब ढाई फीसदी नुकसान हुआ है। जो बेहद कम है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के तहत यातायात, साफ- सफाई, पानी, बिजली की सुचारू सप्लाई का कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने व्यवस्थाओं पर संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि जेल प्रशासन द्वारा बीमार बंदियों के उपचार के नाम पर उगाही होने के मामले पर जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि उपचार के नाम पर उगाही को जेल अधीक्षक ने सिरे से खारिज करते हुए इसे किसी रैकेट की साजिश बताया। उन्होंने जेल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर संतुष्टि जाहिर की।
उन्होंने कहा कि जेल में क्षमता से अधिक बंदी हैं। हाथरस में जेल का निर्माण कार्य जारी है। जिला कारागार में उपचार के नाम पर बंदियों से उगाही होने के मामले पर उन्होंने कहा कि उन्होंने कारागार का निरीक्षण किया है, इस दौरान किसी बंदी ने वसूली को लेकर जानकारी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि परिवार के लोग जेल सुपरिंटेंडेंट या जेलर के सीयूजी नंबर पर बात कर सही जानकारी कर सकते हैं।
जेल में मिला सब कुछ दुरुस्त
प्रमुख सचिव कारागार राजेश कुमार सिंह ने डीएम इंद्र विक्रम सिंह, एसएसपी कलानिधि के साथ जिला कारागार का निरीक्षण किया। जेल निरीक्षण सामान्य व्यवस्थाएं सही पायी गईं। नोडल अधिकारी ने बंदियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा व्यवस्था, बैरकों के रखरखाव, संचालित मैस के साथ ही सफाई व्यवस्था की जानकारी ली। बंदियों का हाल-चाल प्राप्त कर उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कैदियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए। बैरक नंबर छह का मुआयना कर बंदियों से रहन-सहन, खान-पान एवं प्रदत्त सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। महिला कैदियों से संवाद करते हुए उनके रहने, खाने के साथ चिकित्सकीय सहायता के साथ ही बच्चों को दूध मिलने के बारे में जानकारी ली। प्रमुख सचिव ने महिला एवं पुलिस जेल में बेहतर साफ-सफाई पर प्रसन्नता व्यक्त की। अच्छा कार्य करने के लिए दुर्गेश को प्रथम एवं कंचन को द्वितीय पुरस्कार स्वरूप शील्ड प्रदान की।
सर्दी के मौसम के दृष्टिगत बुजुर्ग बंदियों की सुविधा के लिए गीजर भेंट किया। महिला बंदियों के साथ रह रहे नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राष्ट्रगान एवं गायत्री मंत्र कंठस्थ सुनाया। प्रमुख सचिव ने बच्चों को फल एवं मिष्ठान देकर पुरस्कृत भी किया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेंद्र कुमार यादव ने बताया कि जेल में कैदियों द्वारा सीमेंट की पार्किंग बैंच बहुत ही कम लागत में अच्छे तरीके से बनाई जा रही हैं। अभी हाल ही में 85 बैंच नगर निगम बरेली को भेजी गई हैं।