केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत विकसित हो रहे धनीपुर एयरपोर्ट के लिए 900 करोड़ रुपये की दरकार है। यह प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रस्ताव के साथ भेजा जा रहा है। अब शासन स्तर से भूमि अधिग्रहण पर सहमति मिलते ही रुपया मिलेगा और किसानों को मुआवजा देकर भूमि अधिग्रहण की शुरुआत की जाएगी।
इस एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानक पर विकसित करने का काम किया जा रहा है। अब तक इस पर 50 करोड़ रुपये का बजट खर्च हो चुका है और पहले चरण में लखनऊ तक 19 सीटर विमान सेवा शुरू होनी है। मगर इसके अंतरराष्ट्रीय मानक के विस्तारीकरण की तैयारी शुरू हो गई। शुरुआत में इसके लिए 300 एकड़ और फिर 675 एकड़ जमीन हवाईपट्टी के लिए मांगी गई।
जिसमें से 50 एकड़ सरकारी भूमि वहां उपलब्ध है। शेष छह गांवों की भूमि अधिग्रहीत होनी है। इसके लिए बाकायदा प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। जिसमें 900 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों को देने का प्रस्ताव भी शामिल किया जा रहा है। अधिकारी इतना ही बताते हैं कि जैसे ही शासन से अधिग्रहण प्रस्ताव पर सहमति मिलेगी और बजट मिलेगा। बजट प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है। उसके बाद भूमि अधिग्रहण शुरू किया जाएगा।