जलभराव के कारण मच्छरों का पनपना आम हो जाता है। बारिश का समय मच्छरजनित रोगों के लिए अनुकूल होता है। बीमारियों से बचने के लिए जरूरी है कि मच्छरों को पनपने न दिया जाए। वहीं, डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपता है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि जिले में अभी डेंगू के 65 व मलेरिया के 30 मामले सामने आ चुके हैं। डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें। साफ सफाई का विशेष ख्याल रखें, मच्छरों से बचाव करें, बुखार आने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर डॉक्टर से जांच व उपचार कराएं। डीएमओ ने बताया कि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में पैदा होता है और यह दिन में काटता है। सामान्यत: डेंगू बीमारी ज्वार के रूप में उत्पन्न होती है। उचित इलाज न होने पर इससे जान भी जा सकती है। इससे बचने के लिए छत व घर के आसपास पानी जमा न होने दें, सप्ताह में एक बार अपने कूलर, बाल्टी, टब व टंकी आदि का पानी खाली कर इन्हें सुखा लेना चाहिए। पानी भरे रहने वाले स्थानों पर मिट्टी का तेल या इंजन से निकला हुआ तेल डाल देना चाहिए ताकि वहां मच्छर न पनप सके। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
डेंगू के लक्षण
- अचानक सिर में तेज दर्द के साथ बुखार आना।
- मांसपेशियों तथा जोड़ों में दर्द होना।
- आंखों के पीछे दर्द होना।
- जी मिचलाना, उल्टी आना।
- गंभीर मामलों में मुंह, नाक व मसूड़ों से खून आना।
- त्वचा पर चकत्ते उभरना।
बचाव के उपाय:
- डेंगू का अंदेशा होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
- पानी से भरे हुए बर्तन को ढक कर रखें।
- हर सप्ताह कूलर को खाली करके सुखाने के बाद प्रयोग में लाएं।
- पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े पहने।
- प्लेटलेट्स चढ़ाने में शीघ्रता ना करें।
- घर और आसपास में पानी जमा ना होने दें।
- मच्छर रोधी क्रीम व क्वायल आदि का प्रयोग करें।