सात अगस्त को इमाम इकबालुर्रहमान के साथ अभद्रता की गई थी, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। इमाम पर धर्मांतरण का आरोप लगाया गया, जिसे बेबुनियाद बताया जा रहा है। अलग-अगल पार्टी के नेता, धार्मिक गुरु, एएमयू के छात्र बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां एसीएम प्रथम हीरालाल सैनी को तीन सूत्री ज्ञापन सौंपा गया।
मस्जिद के इमाम इकबालुर्रहमान की रिहाई की मांग को लेकर मुस्लिम संगठनों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इमाम के साथ अभद्रता करने वाले के खिलाफ तीन दिन में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की धमकी दी है। सात अगस्त को इमाम इकबालुर्रहमान के साथ अभद्रता की गई थी, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। इमाम पर धर्मांतरण का आरोप लगाया गया, जिसे बेबुनियाद बताया जा रहा है।
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बुधवार को अलग-अगल पार्टी के नेता, धार्मिक गुरु, एएमयू के छात्र बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां एसीएम प्रथम हीरालाल सैनी को तीन सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। जमीअत उलमा के जिलाध्यक्ष मौलाना मोहम्मद फाजिल कासमी ने कहा कि इमाम के साथ जिस तरह से अभद्रता की गई, वह कतई मुनासिब नहीं है। इस तरह की ओछी हरकतें कर अलीगढ़ को नूंह बनाने की कोशिश की जा रही है, जिसे वह हाेने नहीं देंगे। इमाम की रिहाई और शरारती तत्वों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। अगर प्रशासन तीन दिन में ऐसा करने में नाकाम रहा तो मुस्लिम विरोध करने के साथ आंदोलन भी करेंगे, जिसकी जवाबदेही प्रशासन की होगी।
सपा के पूर्व विधायक जमीर उल्लाह खान ने कहा कि इमाम इकबालुर्रहमान के साथ मारपीट की गई है, जिसकी वह भर्त्सना करते हैं। वीडियो में बजरंग दल व आरएसएस के लोग अलीगढ़ को नूंह और मेवात बनाना चाहते हैं। यह एक सोची समझी साजिश है। पूर्व महापौर मोहम्मद फुरकान ने कहा कि बिना जांच के इमाम इकबालुर्रहमान को जेल भेज दिया गया। रिहाई के लिए अब प्रशासन कह रहा है कि जांच होगी। ऐसे अलीगढ़ नहीं चलेगा। प्रशासन को फौरन इमाम को रिहा करना होगा और दोषियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। बसपा नेता सलमान शाहिद ने कहा कि किसी भी दल या किसी भी वाहिनी के नाम से शहर में गुंडागर्दी नहीं करने दी जाएगी।
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एएमयू छात्र नेता जैद शेरवानी ने कहा कि देश में नफरत फैलाने वाले और खुलेआम दंगा-फसाद करने वाले पर शिकंजा कसा जाए। मांगें नहीं मानी गई तो जनता सड़क पर उतरेगी। इस अवसर पर मुफ्ती प्रो. जाहिद अली, कांग्रेस नेता आगा यूनुस, हकीम ताहिर, तहफ्फुज ए मिल्लत कमेटी, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा, भारत मुक्ति मोर्चा के सदस्य मौजूद रहे।