सेमिनार में रफ़म सचिव मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष नवनीत वार्ष्णेय और फिम मेंबर ललेश सक्सेना।
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डिफेंस कॉरिडोर अलीगढ़ नोड में निर्माण शुरू कराने से जा रहे निवेशकों ने सीईओ से मुलाकात कर समस्याएं दूर होने और सुविधाएं पूरी होने तक लीज रेंट में छूट की मांग रखी है। कहा कि सुविधाएं पूरी होने तक वहां निर्माण कार्य शुरू करने में दिक्कत आ रही है। सबसे बड़ी समस्या वहां आवारा पशुओं की है। कॉरिडोर परिसर की बाउंड्रीवाल न होने के कारण आवारा पशु निर्माण में बाधक बन रहे हैं। इधर, नित्या क्रियेशन ने अपना नक्शा जमा करा दिया है। वह जल्द निर्माण शुरू कराएंगे और आधा दर्जन निवेशक जल्द नक्शा आवेदन करने की तैयारी में है।
लखनऊ में रविवार को दा इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियर (इंडिया) की ओर से डेवलपिंग डिफेन्स एंड एयरो स्पेस मैन्युफैक्चरिंग पर सेमिनार का आयोजन हुआ। जिसमें अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर के निवेशक भी शामिल हुए। इस दौरान डिफेंस कॉरिडोर के उपकरणों के निर्माण पर चर्चा के बाद अलीगढ़ के निवेशकों व एफआईएम के पदाधिकारियों ने सीईओ अरविंद कुमार को समस्याएं बताईं।
निवेशक मुकेश जैन, नवनीत कुमार वार्ष्णेय व ललेश सक्सेना ने बताया कि डिफेंस कॉरिडोर में संपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित नहीं हैं। ऐसे में लीज रेंट न लिया जाए, अभी तक लीज रेंट 2.5 फीसदी है। यह अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से ज्यादा है। निर्माण शुरू होने से पहले इसका भुगतान करना पड़ रहा है। इस पर छूट दी जाए। लीज रेंट से संबंधी करार जल्द पूरे किए जाएं और बाउंड्रीवाल, विद्युत कनेक्शन देने काम शुरू किया जाए ताकि आवारा जानवरों की समस्या का निस्तारण हो सके। इस पर उन्हें भरोसा दिलाया गया है।
इधर, अब तक वहां दो उद्यमों का निर्माण शुरू हुआ है। रविवार को नित्या क्रियेशन ने अपना नक्शा यूपीडा में जमा कर दिया है। उनका निर्माण भी जल्द शुरू होने के संकेत हैं। बाकी आधा दर्जन अन्य निवेशक भी नक्शा आवेदन करने की तैयारी में हैं। इस दौरान सीईओ को अलीगढ़ आकर वर्तमान स्थिति देखने के लिए भी अनुरोध किया गया।