न्यायालय द्वारा अस्थायी निषेधाज्ञा का आदेश दिए जाने के बाद भी 14 बीघा भूमि का बैनामा कर दिया गया। अब इस मामले में एसएसपी के आदेश पर विक्रेता, खरीदार, गवाह व उपनिबंधक खैर सहित नौ लोगों के खिलाफ कोतवाली खैर में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
हरियाणा के गुरुग्राम जिले के गांव घामडोज निवासी निर्मला राघव के अनुसार वर्ष 200़9 में उनकी शादी होशियार सिंह के साथ हुई थी। पुत्र दक्ष राघव के पैदा होने के बाद वर्ष 2018 में पति की मृत्यु हो गई थी। जिसके बाद ससुरालीजनों द्वारा खर्चा न दिए जाने के कारण सिविल कोर्ट अलीगढ़ में वाद दायर किया था। कोर्ट द्वारा मामले में ससुरालीजनों को अस्थायी निषेधाज्ञा का आदेश दिया गया था।
जिसमें साफ निर्देश था कि दौरान मुकदमा वाद पत्र में दर्शाई संपत्ति को हस्तांतरण व खुर्द बुर्द न करें। कोर्ट के आदेश की प्रति उपनिबंधक कार्यालय में प्राप्त कराकर रसीद भी कटवाई गई थी। दिनांक 6 जुलाई को विवादित भूमि का बैनामा सुमन देवी ने योगेश कुमार, अनिल कुमार व रूप सिंह के नाम कर दिया। बाद में अन्य नामजद विवादित भूमि पर कब्जा लेने आए तो ग्रामीणों ने एक राय होकर भगा दिया।
पीड़िता ने एसएसपी अलीगढ़ से कार्रवाई की गुहार लगाई थी। एसएसपी के आदेश पर सुमन देवी, प्रशांत, छत्तर सिंह निवासीगण शिव कालोनी सोहना गुरुग्राम हरियाणा, योगेश व सुभाष निवासीगण भगवानगढी थाना खैर, रूप सिंह निवासी
फाजिलपुर कलां, अनिल कुमार निवासी मौर, सुखवीर सिंह निवासी गिडगिसी व तत्कालीन उपनिबंधक खैर के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश कर कूट रचित दस्तावेज तैयार कराने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। खैर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।