अलीगढ़ के गांधी पार्क क्षेत्र की प्रीमियर नगर बैंक कालोनी में बृहस्पतिवार देर रात खादी ग्रामोद्योग संस्था के एक पदाधिकारी व्यापारी ने फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। अधेड़ उम्र व्यक्ति द्वारा आत्महत्या की खबर पर परिवार में कोहराम मच गया और सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई।
जांच में आत्महत्या के मूल में डेढ़ करोड़ का बैंक ऋण न चुका पाने का दबाव सामने आ रहा है। परिवार ने भी बैंक प्रबंधक पर मानसिक उत्पीडऩ का आरोप लगाया है। पुलिस ने फिलहाल पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया है।
बताया गया है कि गांधीपार्क के कंदौली खादी ग्रामोद्योग संस्थान के मंत्री 54 वर्षीय संजीव वार्ष्णेय ने व्यापार के लिए जमीन आदि गिरवी रख डेढ़ करोड़ का ऋण चार वर्ष पूर्व लिया था। मगर तमाम कारणों के चलते वे ऋण जमा नहीं कर पा रहे थे। पत्नी मीरा के अनुसार बैंक प्रबंधक की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था और घर जब्त करने संबंधी नोटिस तक जारी कर दिया था। इसी से आहत संजीव ने देर रात घर के अन्य सदस्यों के कामकाज में व्यस्त होने के दौरान अपने कमरे में फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली।
इस दौरान बेटा आर्यव व बेटी प्रियांशी पढ़ाई कर रहे थे। इस सूचना पर मोहल्ले के लोग जमा हो गए। खबर पर पुलिस भी आ गई। इंस्पेक्टर के अनुसार फिलहाल शव पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंपा गया है। पत्नी की ओर से जो तथ्य बताए गए हैं, उन पर जांच की जा रही है। इधर, मामले में उद्योग व्यापार संगठन ने अनुराग गुप्ता की अगुवाई में बैठक कर बैंक के इस उत्पीड़नात्मक रवैये पर गहरा दुख जताया है। इस दौरान अध्यक्ष उमेश श्रीवास्तव, सतेंद्र सारस्वत, सुधीर वार्ष्णेय, हरिकिशन वार्ष्णेय, नवीन गुप्ता आदि मौजूद रहे।