रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ती यात्रियों की भीड़। संवाद
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महानगर के गांधीपार्क इलाके के विकास नगर निवासी राहुल को गर्मियों की छुट्टी में परिजनों एवं बच्चों को किसी दूसरे शहर में घुमाने जाना है, लेकिन उन्हें ट्रेन में कंफर्म सीट नहीं मिल पायी। इस पर उन्होंने बस की मदद ली तो उसमें भी काफी भीड़ थी। गर्मी में भीड़ को देख उन्होंने घूमने का कार्यक्रम ही टाल दिया और वापस घर चले गए। यह तो एक मात्र उदाहरण है। ऐसा ही दूसरे यात्रियों के साथ देखने को मिल रहा है और वे छुट्टियों का आंनद लेने के लिए बाहर नहीं जा पा रहे हैं अथवा उन्हें ट्रेवल्स एजेंसियों के जरिए बस, कार आदि मंहगे किराये पर सफर तय करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
गर्मियों में छुट्टियां मनाने के लिए लोगों का घूमने जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। इससे ट्रेनों और बसों में भीड़ बढ़ गई है। इस दौरान सफर करने वाले यात्रियों को कंफर्म सीट न मिलने से बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में उन्हें सामान्य कोच में भारी भीड़ के बीच सफर तय करना पड़ रहा है अथवा दूसरे वाहनों में सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्कूल-कॉलेजों में गर्मी की छुट्टी हो जाने के बाद परिजन घर से घूमने जाने लगे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो सालों से लोग गर्मियों की छुट्टियों का आनंद उठाने के लिए कहीं घूमने-फिरने नहीं जा पा रहे हैं। अधिकांश लोग शिमला जैसी पहाड़ी एवं ठंडे स्थानों पर घूमने जाना चाहते हैं। दूसरी पंसद माता वैष्णों देवी के दर्शन के लिए जम्मू-कटरा आदि जाने की है, लेकिन ट्रेनों में काफी भीड़ होने के चलते उन्हें सीट नहीं मिल पा रही है। टिकट आरक्षित कराने के लिए लोग परेशान हैं। तत्काल में भी उन्हें रिजर्वेशन नहीं मिल पा रहा है। वेटिंग सूची भी काफी लंबी है। ऐेसे में लोग मन मारकर अपना घूमने का कार्यक्रम टाल रहे हैं। मुख्य वाणिज्य अधिकारी संजय कुमार शुक्ला ने बताया कि इन दिनों सभी ट्रेनों में सीटें फुल हैं और वेटिंग सूची भी काफी लंबी है।