सड़क हादसे में घायल हुए चाचा-भतीजे में से भतीजे की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने शव को गंगीरी-पनेठी रोड पर जाम लगा दिया। मृतक के परिजनों की मांग थी कि आर्थिक मदद दी जाए। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही शव को सड़क से उठाया गया।
शनिवार रात मक्के के खेत से मजदूरी कर पैदल लौट रहे औसाफ अली गांव के रामजीलाल (50) पुत्र मेवाराम और उनका भतीजा लख्मी (35) पुत्र रामप्रसाद को गांव से करीब 500 मीटर की दूरी पर ही सामने से आ रही तेज बाइक ने टक्कर मार दी। इससे चाचा-भतीजे लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पडे़, राहगीरों और ग्रामीणों की मदद से पिलखना चौकी प्रभारी साबिर अली ने निजी वाहन से दोनों को अलीगढ़ भेज दिया। जिसमें लख्मी की रास्ते में ही मौत हो गई, वहीं रामजीलाल को गंभीर स्थिति में निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
वहीं रविवार शाम जब पोस्टमार्टम के बाद लखमी का शव गांव पहुंचा तो परिजनों और रिश्तेदारों ने अर्थिक मदद की मांग करते हुए शव को गंगीरी-पनेठी मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। परिजनों का कहना था कि मृतक की आर्थिक स्थित बहुत नाजुक है। इसलिए उसकी मौत के बाद अब पत्नी के सामने तीन बेटियों और एक बेटे की परवरिश को लेकर संकट पैदा हो गया है। अत: प्रशासन द्वारा परिवार को आर्थिक मदद दिलाई जाए। काफी देर हंगामे केे बाद जब एसओ अकराबाद डॉ. विनोद कुमार ने एसडीएम कोल से फोन पर बात कर परिजनों को आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से परिवार को तीस हजार की मदद दिलाई जाएगी, साथ ही आरोपी बाइक सवार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जिससे दुर्घटना बीमा भी परिजनों को मिल सके। इस आश्वासन के बाद महिलाओं ने शव को अंतिम संस्कार के लिए उठने दिया। जिसके बाद ही जाम खुल सका। इस मौके पर अकराबाद के अलावा हरदुआगंज पुलिस व एसओ गांधीपार्क भी मौजूद रहे।