गोलियों की बौछार कर युवक की हत्या
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थाना मडराक के गांव सिकरना में दो साल से चली आ रही रंजिश में हमलावरों ने किसान परिवार के युवक की बुधवार सुबह गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई। इसके बाद हमलावर हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाते हुए फरार हो गए। इसमें गांव के ही दो सगे भाइयों और दो पेशेवर अपराधियों को नामजद किया गया है। मृत युवक के शरीर में आधा दर्जन गोलियां लगी हैं। उस पर भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
सिकरना गांव के तेजपाल सिंह ने बताया कि बुधवार की सुबह उनका बेटा दीपू सिंह (30) कुत्ते के साथ टहलने निकला था। घर से कुछ दूरी पर उनके खानदान के ही दो सगे भाई महेश और देवेंद्र अपने कुछ साथियों के साथ आए और दीपू पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इस हमले में दीपू की मौके पर ही मौत हो गई। उसके जिस्म में सात-आठ गोलियां लगीं।
यह खबर सुनकर उसके परिवार में कोहराम मच गया और गांव में सनसनी फैल गई। तेजपाल सिंह का कहना है कि दो वर्ष पहले आरोपियों से दीपू का झगड़ा हुआ था, तभी से आरोपी पक्ष रंजिश मान रहा है। उनकी ओर से दी गई तहरीर पर गांव के महेश, देवेंद्र, उनके पेशेवर अपराधी दोस्त पंकज और रॉबी निवासी शहबाजपुर, मडराक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इंस्पेक्टर मडराक रामकुमार गुप्ता के अनुसार मौके से आधा दर्जन खोखे मिले हैं। नामजद पक्ष की ओर से 307 का एक मुकदमा पहले से दीपू पर दर्ज था। उस पर मडराक थाने में कई अन्य मुकदमे दर्ज हैं। दीपू सिंह के परिवार में उसकी पत्नी प्रेमलता के अलावा दो बेटियां अंशू और बंशू हैं। बेटियों की उम्र पांच और चार वर्ष की है। इन बेटियों के आंसू देख और लोग भी रो पड़े।
धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड में जेल गए थे पंकज-रॉबी
कई आपराधिक मामलों में चर्चित रहे पंकज और रॉबी सगे भाई हैं। सुपारी लेकर हत्याएं करने के आरोप उन पर रहे हैं। दोनों भाई बसपा के अतरौली प्रत्याशी धर्मेंद्र चौधरी हत्याकांड में शूटर के रूप में जेल भेजे गए थे। साक्ष्य के अभाव में वह बरी हो गए। पंकज पर टप्पल के बहुचर्चित ज्ञानी हत्याकांड में शामिल रहने का भी आरोप है। इसमें पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी भी आरोपी हैं। इन दिनों दोनों भाइयों के राजनीतिक संरक्षण में रहने के सुराग पुलिस को मिल रहे हैं।