दाऊद खां स्टेशन से सटे क्वार्सी क्षेत्र के गांव गड़राना में बुधवार शाम एक घरेलू विवाद और अपहरण की फर्जी शिकायत के मामले में जांच को गई पुलिस को महिला से कथित अभद्रता भारी पड़ गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने दरोगा से हाथापाई व पुलिसकर्मियों से मारपीट तक कर दी।
इतना ही नहीं जिस स्कार्पियो में पुलिस गई, उसे भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस खबर पर काफी संख्या में पहुंचे पुलिस बल ने ग्रामीणों को नियंत्रित किया। बाद में एक आरोपी को हिरासत में ले लिया। हालांकि पुलिस से मारपीट की बात सिरे से नकारी जा रही है और कहा जा रहा है कि शुरुआत में यह गलत सूचना दी गई थी। स्कार्पियो में अपहरण के आरोपी पक्ष पर ही ग्रामीणों ने हमला बोला था।
वाकये के अनुसार गांव गड़राना निवासी धीरेंद्र सिंह उर्फ पप्पू काका काफी समय से बल्लभगढ़ के आदर्श नगर में परिवार के साथ रहते हैं। वहां उनकी दूध की डेयरी है। पिछले कुछ समय से उनका अपनी पत्नी गीता से मनमुटाव था। इसके चलते वह गांव आ गए थे। यहां उनकी मां का पिछले माह देहांत हो गया और इसी 30 जुलाई को मां का त्रयोदशी संस्कार भी हुआ।
इसमें पप्पू ने अपने तीन अन्य भाइयों को दस हजार रुपये भी खर्च के लिए दिए। इस बात पर पत्नी और ज्यादा बुरा मान गई और दोनों में विवाद हुआ। आरोप है कि दो दिन पहले पत्नी गीता अपने खुर्जा निवासी एक भाई के साथ स्कार्पियो में आई और यहां से नलकूप पर विवाद के बाद पप्पू को अपने साथ ले गई। इसके बाद से ही पप्पू के अपहरण का शोर मचा हुआ था।
पप्पू का ही एक अन्य साला जो पप्पू का समर्थन कर रहा था, वह पुलिस से शिकायत करता फिर रहा था और उसकी हत्या की आशंका भी जता रहा था। उसने क्वार्सी पुलिस से लेकर लोनी गाजियाबाद और बल्लभगढ़ तक में पुलिस को यह शिकायत दी। इस शिकायत पर पुलिस
बल्लभगढ़ पुलिस ने क्वार्सी पुलिस से संपर्क किया।
इसी बीच जब पप्पू की तलाश हुई तो बुधवार दुपहर वह खुद क्वार्सी थाने पहुंच गया। जहां उसने खुद को बताया कि विवाद के चलते पत्नी उसे ले जरूर गई थी। मगर अपहरण जैसी कोई बात नहीं। वह उसी स्कार्पियो में अपने साले के साथ आया, जिसमें गया था। इस पर ईशनपुर चौकी के दरोगा व दो सिपाही उसी स्कार्पियो में पप्पू के साथ आए साले को लेकर व पप्पू को चौकी पर छोड़कर गड़राना गए। वहां जाकर उनकी मंशा थी कि लोगों में फैल रही अफवाह को दूर कर दिया जाए। वहां स्कार्पियो व साले को देख लोग भड़क गए।
दरोगा ने समझाने का प्रयास किया। मगर नहीं माने। आरोप है कि इसी बीच गुस्से में आए दरोगा ने पप्पू के परिवार की एक अधेड़ विधवा महिला से अभद्रता करते हुए धक्का-मुक्की कर दी। इसी बात पर पब्लिक बिगड़ गई और दरोगा से हाथापाई कर दी। बीच बचाव में आए सिपाही को पीट दिया। स्कार्पियो तक क्षतिग्रस्त कर दी।
इसके बाद वहां हंगामा बढ़ा तो खबर पर सीओ तृतीय, एसओ क्वार्सी, एसओ गांधीपार्क, एसओ मडराक, एसओ महिला थाना, क्यूआरटी आदि भी पहुंच गए। उन्होंने पहुंचकर पहले तो हंगामा कर रहे लोगों को दौड़ाया। फिर मामला शांत किया। साथ ही लगातार अपहरण की सूचना दे रहे पप्पू के साले बलवीर को हिरासत में ले लिया।
इसके बाद लोगों को समझाकर मामला शांत करा दिया। एसओ क्वार्सी विनोद यादव के अनुसार न तो स्कार्पियो में पुलिस गई थी और न पुलिस से कोई मारपीट या दुर्व्यवहार हुआ। हां, शुरुआती सूचना जरूर पुलिस पर हमले की आई थी। जब पप्पू खुद आ गया तो उसी ने अपने साले को गाड़ी से गांव में यह खबर देने भेजा था कि वह चौकी पर ही लोगों को बुला लाए। गलत सूचना देने वाले को हिरासत में लिया गया है।